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धरती की कंपन से दहशत में रहे लोग

Tue, 27 Oct 2015 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कुरुक्ष्ाेत्र
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पूरे जिले में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन भूकंप के कारण जानमाल के कोई नुकसान का समाचार नहीं है। जैसे-जैसे भूकंप का पता चला रहा वैसे ही लोग अपने मकानों, ऑफिसों, दुकानों आदि से बाहर आ गए और काफी देर तक डर के मारे भवनों के अंदर नहीं गए। कुरुक्षेत्र के सेक्टर-17 में जितने भी ऑफिस थे, उनका पूरा स्टाफ, एलएनजेपी अस्पताल मरीज, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के परीक्षा शाखा के बाहर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। भूकंप के कारण लोगों में दहशत इतनी थी कि वो काफी समय तक भवनों में अंदर जाना तो दूर उसके आस-पास भी नहीं गए। 
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लोगों की कहानी उन्हीं की जबानी 
सेक्टर-17 के बच्चों के गारमेंट शोरूम संचालक विक्की श्योकंद ने कहा कि  आज जब भूकंप आया तो मैं और मेरे साथी शो रूम में थे तो अचानक शो रुम में लगी फोटो और अन्य सामान हिलने लगा। इस पर घबरा कर बाहर आ गए, बाहर आए तो देखा कि सभी लोगों भवनों के बाहर खड़े थे।
कुरुक्षेत्र निवासी हरदीप सिंह ने बताया कि जब भूकंप आया तो बाइक पर सवार होकर किसी काम से जा रहा था तो बाइक इधर-उधर जाने लगी, लेकिन उस समय पता नहीं चला की भूकंप आया अब मैं अपनी दुकान पर पहुंचा तो पता चला की भूकंप आया है। 
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एलएनजेपी अस्पताल में कार्यरत आनंद कुमार ने बताया कि जब भूकंप में आया तक वो ऑफिस में काम कर रहे थे तो अचानक ऑफिस में रखा सामान हिलने लगा तो हम सब ऑफिस से बाहर आए तो देखा की अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ एकत्र हो रही थी।
यूनिवर्सिटी कार्यालयों में भी मची भगदड़, निकले सभी बाहर लाडवा संवाददाता के अनुसार लाडवा व आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण हुए किसी नुकसान का अभी कोई समाचार नहीं मिला है। दोपहर दो बजकर चालिस मिनट पर भूकंप के झटकों  के कारण लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए। बाजार में खरीददारी कर रहे ग्राहक व दुकानदार कंपन होते ही तुरंत दुकानों से बाहर आ गए। अनाजमंडी में भी दुकानों में बैठे किसान व आढ़ती भूकंप आते ही दुकानों से बाहर भागे और काफी देर तक बाहर ही बैठे रहे।कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कर्मचारी अनिल कुमार ने बताया कि अब भूकंप के झटके महसूस हुए तब परीक्षा शाखा-2 में विद्यार्थियों की भीड़ थी, लेकिन भूकंप आते ही सब लोग भवन से निकलने के लिए बाहर भागने लगे उस समय तो भगदड़ मच गई थी। काफी संख्या में छात्र और कर्मचारी कार्यालयों से बाहर निकल आ गए और पूरा दफ्तर ही खाली हो गया। काफी देर तक जब दोबारा झटके नहीं आए तो लोगों ने राहत महसूस की और वापस कार्यालय में भीतर पहुंचे। धमेंद्र ने बताया कि भुंकप आया तो छत पर लगे पंखे हिलने लगे तो कुंर्सिया भी हिलने लगी तब समझ में आया कि भूकंप आया है तो पुरा स्टाफ व विद्यार्थी  भवन से बाहर आ गए ओर काफी देर के बाद ही अपनी-अपनी सीटों पर गए और दोबारा काम करने लगे। 



इस्माईलाबाद संवाददाता के अनुसार कस्बे व क्षेत्र में सोमवार दोपहर के समय तीव्र गति के भूकंप के झटकों ने सबको हिलाकर रख दिया। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि जिन्हें महसूस हुए व एकदम से काम को छोड़ कर बाहर आ गए। हालांकि भूकंप के झटकों से जानमान माल की कोई हानि नहीं हुई है लेकिन, भूकंप के झटके इतने तेज थे कि भूकंप ने सभी को हिला कर रख दिया। अनाज मंडी समेत कस्बे के दुकानदार व आढ़ती बाहर की ओर भाग लिए।
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