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अमनदीप ने 54.1 किलोमीटर खड़े होकर चलाई मोटरसाइकिल

Mon, 26 Oct 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कुरुक्षेत्र
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शाहाबाद के गांव पाडलू के अमनदीप सिंह ने लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए रविवार को नीलोखेड़ी से अंबाला कैंट तक खड़े होकर बुलेट मोटरसाइकिल चलाई। इसके लिए उन्होंनें 54.1 किलोमीटर की दूरी मात्र 1 घंटा 12 मिनट में तय किया। अमनदीप ने हाथ छोड़कर व बुलेट मोटरसाइकिल पर खड़े होकर जिला प्रशासन की देखरेख में फाइनल ट्रायल दिया। वहीं अमनदीप ने बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देने के लिए भी लोगों को जागरूक किया।
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अमनदीप सिंह ने बताया कि इससे पहले उन्होंने 52 किलोमीटर तक खड़े होकर मोटरसाइकिल चलाने का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन आज उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 54.1 किलोमीटर की दूरी तय की। इस उपलब्धि के बाद वापस लौटे अमनदीप को नगरवासियों व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया।

अमनदीप ने बताया कि गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 16 किलोमीटर और लिमका बुक में 28 किलोमीटर रिकॉर्ड दर्ज है। इस तरह उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है, लेकिन अधिकारिक तौर पर इसका दर्ज होना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 26 अक्तूबर  को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इस रिकॉर्ड को सत्यापित करने के लिए आएगी। उन्होंने बताया कि इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र के डीसी को पत्र लिखा था ताकि उन्हें नीलोखेड़ी से अंबाला तक जाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था एवं पुलिस सुरक्षा उपलब्ध हो सके।
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उन्होंने बताया कि बुलेट मोटरसाइकिल पर इस स्टंट की शुरुआत उन्होंने 2007 में मात्र 18 वर्ष की उम्र में कर दी थी और पिछले 8 वर्षों से लगातार वह अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड के साथ-साथ अनेक अन्य ऐसी संस्थाओं में लॉंगेस्ट नॉन स्टाप स्टेंडिंग एंड हैंड फ्री बाईकिंग कैटेगरी में रिकॉर्ड के लिए नामांकन किया है। इसी वर्ष 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस समारोह में एसडीएम हवा सिंह ने अमनदीप सिंह को इस रिकॉर्ड के लिए सम्मानित किया था।
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 79 वर्षीय दादी ज्ञान कौर ने बताया कि अमनदीप ने जो करनामा कर दिखाया है उसने अपना ही नहीं बल्कि अपने पूर्वजों का नाम रोशन किया है। अमनदीप के इस कारनामें को देखकर दादी ज्ञान कौर की आंखें खुशी से भर आई।
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पिता कंवल जीत सिंह ने बताया कि जिस उत्साह से अमनदीप कार्य कर रहा है इससे वह गांव, नगर, प्रदेश व देश का नाम ऊंचा करेगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने बचपन से ही अमनदीप में एक अलग ही जनून देखा था जो कि आज उसने पूरा कर दिखाया।
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