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बैंकों की बल्ले-बल्ले, कर्जदारों ने चुकाए 180 करोड़

Tue, 15 Nov 2016 12:17 AM IST
सादिक अली/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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नोटबंदी से बैंकों की बल्ले-बल्ले है। जिले के कर्जदारों ने महज पांच दिनों में ही बैंकों के करीब 180 करोड़ रुपये चुका दिए।  
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केंद्र सरकार ने 8 नवंबर की रात से 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद 9 से 13 नवंबर तक कुरुक्षेत्र जिले की लगभग सभी बैंक शाखाओं में करीब 900 करोड़ रुपये जमा किए गए। लीड बैंक के डीजीएम पीएस चौहान ने बताया कि जो राशि जमा हुई है, उससे कई बैंकों का कर्ज भी कम हो गया है। जिले के बैंकों ने सैकड़ों करोड़ रुपये का कर्ज ग्राहकों को दिया हुआ है। यह लोन चुकाने के लिए लंबी समय सीमा भी तय होती है। लेकिन जैसे ही 500 और 1000 के नोट बंद होने की घोषणा हुई। लोगों ने 500 और 1000 के नोट जमा कराना शुरू कर दिया। इस राशि में करीब 20 प्रतिशत राशि बैंक के कर्जदारों ने अपना कर्ज चुकाने के लिए जमा कराई।

हर 100 करोड़ पर 20 करोड़ का कर्ज कम
पीएस चौहान के मुताबिक विभिन्न बैंकों के कर्जदारों में से किसी ने पूरा तो किसी ने आधा या इससे ज्यादा का कर्ज 500 और 1000 के नोट देकर चुकाया है। चुकाए गए कर्ज की राशि जमा राशि का 20 प्रतिशत है। यानी 9 से 13 नवंबर तक जमा हुई करीब 900 करोड़ की राशि में से 180 करोड़ रुपये का बैंक कर्ज कम हो गया है।
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बैंक और कर्जदार दोनों का फायदा
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक बैंक अधिकारी ने बताया कि इससे दोनों पक्षों को फायदा ही हुआ है। बैंकों को कर्ज की राशि कुछ समय पर तो कुछ समय से पहले ही मिल गई। इसका फायदा उन कर्जदारों को भी हुआ, जिनका बड़ा व्यवसाय है और कर्ज भी ज्यादा है। ऐसे में उनके पास मौजूद बंद हुए बड़े नोट भी खप गए और उनका कर्ज भी अदा हो गया।
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