हरियाणा के पुलिस महानिदेशक केपी सिंह ने शनिवार रात अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली। मीटिंग में उन्होंने पुलिस के कई अधिकारियों को नसीहतें भी दी और आम लोगों के बीच छवि सुधारने के लिए भी कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों से जुड़े लोगों से मेल मिलाप करने और हर 15-20 दिन में सामूहिक चर्चा करने की भी बात कही। सूत्रों की माने तो महानिदेशक ने कई थानों की क्राइम रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए पेंडिंग मामले जल्द से जल्द निपटाने के लिए कहा। बताया जाता है कि कुछ को तो दूसरे साथियों से सबक तक लेने की बात उन्होंने कही।
पुलिस लाइन के सभागार में शनिवार रात करीब आठ बजे यह मीटिंग शुरू हुई। सूत्रों ने बताया कि करीब ढाई घंटे चली मीटिंग में पुलिस महानिदेशक ने सबसे पहले पेंडिंग मामलों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि क्राइम के हर मामले में जांच तेजी की जाए। साथ ही यह हिदायत भी दी कि हर मामले में पुलिस को पारदर्शिता बढ़ानी होगी। ताकि आम लोगों का विश्वास पुलिस पर बढ़े। मीटिंग में मौजूद जिले के सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को उन्होंने जांच में तेजी लाने के लिए कहा।
तारीफ से हुआ सीना चौड़ा
बताया जाता है कि महानिदेशक ने शिकायत निपटाने को लेकर जिला पुलिस की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र पुलिस सभी प्रकार की शिकायतों को निपटारे में आगे है। जिसमें सीएम विंडो और हर समय पोर्टल पर आ रही शिकायतों का निपटारा करने में भी कुरुक्षेत्र पुलिस अव्वल है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र पुलिस का रिकॉर्ड एनडीपीएस एक्ट के तहत धरपकड़ में भी बेहतर रहा है। महानिदेशक केपी सिंह ने एसपी सिमरदीप सिंह की भी तारीफ की।
डीएसपी दो हजार और एसएचओ एक हजार का बनाएंगे ग्रुप
पुलिस महानिदेशक केपी सिंह ने सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को भी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक बार सामाजिक संगठनों के साथ बैठक जरूर करें। पुलिस कम्युनिटी प्रोग्राम पर जोर देते हुए कहा कि डीएसपी दो हजार और एसएचओ एक हजार लोगों का ग्रुप बनाकर जनता के साथ तालमेल बनाकर रखें। उन्होंने अपराध की समीक्षा करते हुए जिला की सीमाओं पर नाकेबंदी कर गो तस्करी को पूर्ण तौर पर प्रतिबंध करने के दिशा निर्देश दिए।
तकनीकी ज्ञान से जुड़ने के लिए भी किया प्रेरित
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इस समय पुलिस को आधुनिकीकरण की बेहद जरूरत है। यह समय की मांग भी है। इसलिए हर पुलिसकर्मी को इसका ज्ञान होना चाहिए। इस संबंध में विभाग भी समय-समय पर कंप्यूटर कोर्स करवाता रहा है, आगे भी इसमें तेजी लाई जाएगी। ताकि हर पुलिसकर्मी कंप्यूटर ज्ञान और अन्य तकनीकी ज्ञान से अवगत हो सके। मौके पर आईजी कानून व्यवस्था एस चावला, आईजी करनाल रेंज सुभाष यादव, एसपी सिमरदीप सिंह, जिला पुलिस के सभी डीएसपी, थाना प्रभारी आदि मौजूद थे।