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Kurukshetra News: हड़ताल से सीएचसी, पीएचसी पर इलाज के लिए भटके मरीज, अस्पताल में मिली सुविधा

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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिज (एससीएमसी) के आह्वान पर सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सक बुधवार को हड़ताल पर उतर आए और ओपीडी सेवाएं बंद कर जिला अस्पताल में पहुंचे। चिकित्सकों की हड़ताल से सीएचसी, पीएचसी और एसडीएच शाहाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। हालांकि सभी जगह आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं। वहीं एलएनजेपी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं भी चलती रहीं। कुछ चिकित्सक हड़ताल में शामिल होने की बजाय की ओपीडी में सेवाएं देते नजर आए। इस कारण यहां हड़ताल का कोई असर नजर नहीं आया। वहीं एसोसिएशन का दावा है कि दो बजे के बाद हड़ताल में शामिल चिकित्सकों ने ओपीडी भी संभाली।
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बुधवार को जिला अस्पताल में करीब 750 ओपीडी हुई। रोजाना की भांति अस्पताल में मरीजों की पर्ची काटी और जांच के बाद उनको दवाइयां भी वितरित की गई और एक सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। उधर, जिले में 17 पीएचसी, छह सीएचसी, एक उपमंडल अस्पताल शाहाबाद से भी चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए। यहां पहले ही चिकित्सक की संख्या कम है, जिस कारण मरीजों को भटकना पड़ा। हालांकि विभाग ने दावा किया मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए व्यवस्था बनाई गई थी।
एससीएमसी के जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप नागर ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक जिलेभर के करीब 60 सरकारी चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए। इस दौरान सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी सेवाएं बंद रही। हालांकि हड़ताल के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी संभाली और मरीजों की जांच भी की। इससे पहले नौ दिसंबर चिकित्सक दो घंटे तक पेन डाउन कर सांकेतिक हड़ताल पर रहे थे। इस मौके पर डॉ. एनपी सिंह, डॉ. कृष्ण दत्त, डॉ बहादुर सिंह, डॉ. जगमिंद्र मलिक, डाॅ. विनय कुमार, डॉ. रमनजोत, डॉ. शिवनीत कौर, डॉ. नवनीत, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. बलराज सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
डॉ. नागर ने बताया कि कई माह पहले सरकार से बातचीत होने के बाद मांगों पर सहमति बन गई थी। फिर भी आज तक किसी मांग को पूरा नहीं किया गया है। पदोन्नति, एसीपी में देरी, चार्जशीट मामलों में की जा रही देरी से चिकित्सकों में रोष व्याप्त है। अब भी अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सरकारी अस्पताल के सभी एमबीबीएस चिकित्सक उनके साथ है।

ओपीडी के साथ आपातकालीन सेवाएं जारी रही
जिला अस्पताल की कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) साराह अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में कोई चिकित्सक हड़ताल में शामिल नहीं हुआ। यहां ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं प्रतिदिन की भांति चलती रही। हालांकि बुधवार के दिन कोई ऑपरेशन प्रायोजित नहीं था। बुधवार को एक सिजेरियन डिलीवरी भी कराई गई।
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