कुरुक्षेत्र। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। भीषण गर्मी के बाद हुए मौसम परिवर्तन को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों एवं किचन गार्डनिंग में लगे पौधों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण फसलों और पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका अधिक रहती है। इस लिए विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। अचानक तापमान में परिवर्तन, अधिक बारिश या उमस की स्थिति में पौधों व फसलों को नुकसान हो सकता है।
उचित देखभाल और सुरक्षा उपाय अपनाकर किसान अपनी फसलों और पौधों को स्वस्थ रख सकते हैं। स्थिति के अनुसार सिंचाई की व्यवस्था करें। अत्यधिक गर्मी में पौधों को नियमित रूप से पानी दें। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है। सात से 10 दिनों के अंतराल पर पौधों पर जैविक या हल्के रासायनिक फफूंदनाशकों का छिड़काव करें। पौधों को उचित पोषण दें। खरपतवारों को नियमित रूप से हटाएं क्योंकि वे पौधों के विकास में बाधा डालते हैं। पौधों को रोगों और कीटों से बचाने के लिए समय-समय पर निगरानी रखें और आवश्यकतानुसार उपाय करें।