Drone based combat system exposed
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में चल रहे सात दिवसीय अभियांत्रिकी मेले के दूसरे दिन रक्षा अनुसंधान एवं विकास विषय पर शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक सिमुलेशन सिस्टम, ड्रोन आधारित युद्ध प्रणाली, लेजर तथा साइबर युद्ध प्रणालियों की संरचना, अनुसंधान एवं विकास की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस शिविर में प्रणाली अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान नई दिल्ली से विशेष रूप से वरिष्ठ वैज्ञानिक जेके भार्गव ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। भार्गव ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन केवल मिसाइल प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है। इसके अतिरिक्त यह युद्ध प्रणाली में प्रयोग की जाने वाली अन्य संरचनाओं जैसे इलेक्ट्रॉनिक सिमुलेशन सिस्टम, ड्रोन आधारित युद्ध प्रणाली, लेजर तथा साइबर युद्ध प्रणालियों की संरचना तथा अन्य अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी करता है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की देशभर में 42 प्रयोगशालाएं हैं। युद्ध के अलावा इन्होंने कोरोना काल में भी अनुकरणीय योगदान दिया है। वैज्ञानिक जेके भार्गव ने सभी विद्यार्थियों से उनके मॉडल्स और प्रोजेक्ट के संदर्भ में विस्तृत जानकारी प्राप्त करके ज्ञानोपयोगी सुझाव भी दिए। केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू ने बताया कि प्रयोगात्मक एवं वैज्ञानिक विधि के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से अभियांत्रिकी मेले का आयोजन किया है।
एक सप्ताह तक राष्ट्रीय विज्ञान के तहत कई कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसका शीर्षक विज्ञान सर्वत्र पूज्यते है। केंद्र के शिक्षा अधिकारी जितेंद्र दास ने बताया कि सभी प्रतिभागियों को विज्ञान प्रसार द्वारा आयोजित एक्सप्रेशन का भ्रमण भी अधिकारियों द्वारा कराया गया। वहीं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र का भी दौरा कराया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. बीवी. रमना रेड्डी के प्रयास से विद्यार्थियों को अभियांत्रिकी में रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया। वहीं प्रौद्योगिकी के प्रति तार्किक क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से प्रो. एसएन गुप्ता और डॉ. अश्विनी कुमार ने बच्चों को इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। सीमेन्स उत्कृष्ट अध्ययन केंद्र के भ्रमण के दौरान बच्चों को विभिन्न धातुओं की कंप्यूटर आधारित कटिंग, रोबोटिकस, त्रि-आयामी पदार्थ मापन युक्तियों के बारे में जानकारी दी गई।