कुरुक्षेत्र। सेक्टर 13 में लगा कचरे का ढेर। संवाद
कुरुक्षेत्र। शहर से हर रोज निकल रहा करीब 100 टन कचरा आम जन के साथ नगर प्रशासन के लिए भी परेशानी बन रहा है। नगर प्रशासन स्थायी डंपिंग साइट नहीं तलाश कर पा रहा है। इस्सरगढ़ के बाद मंगलवार को उमरी के लोग भी कचरा डालने के विरोध में उतर आए और टिपरों को बैरंग लौटा दिया। ऐसे में न केवल घर-घर से कचरा उठान ठप हो गया बल्कि दिनभर टिपर कचरे से भरे खड़े रहे। बाद में कुछ टिपरों को थीम पार्क में खाली किया गया।
नगर प्रशासन ने अब स्थायी डंपिंग साइट मिलने तक पार्षदों को जिम्मेदारी सौंप दी है। अब पार्षद अपने-अपने वार्ड के कचरे के लिए जगह तलाश करेंगे और हर वार्ड का कचरा वहीं पर गिराया जाएगा। जहां से इसे डंपरों के जरिये करनाल भेजा जाएगा। मंगलवार को नगर परिषद अधिकारियों ने पार्षदों के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर मजबूरी जाहिर की तो वहीं बुधवार को फिर प्रत्यक्ष बैठक होगी। इसमें भी इसी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इस्सरगढ़ के लोग कचरा न गिरने देने पर अड़े
प्रशासन ने इस्सरगढ़ में डंपिंग साइट के लिए जमीन तलाश की थी लेकिन वहां पिछले दो दिन से लोग विरोध में उतर आए हैं। सोमवार के बाद मंगलवार को भी अधिकारी लोगों को मनाने पहुंचे लेकिन वे कचरा न गिरने देने पर अड़े रहे। दो घंटे तक बातचीत में जब लोग नहीं माने तो अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद उमरी में भी हाईवे के समीप खाली जमीन पर कचरा डाला जाने लगा लेकिन वहां भी लोग विरोध में आ गए तो बंद करना पड़ा।
जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
डंपिंग साइट न मिलने पर कचरे से भरे टिपर खाली नहीं हो पाए जिससे घर-घर से कचरा उठान भी ठप हो गया। पिछले चार दिन से बनी समस्या के कारण शहर में सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लग चुके हैं। एक सप्ताह पहले भी तीन दिन तक टिपर कचरे से भरे खड़े रहे थे।
लोगों को करना चाहिए सहयोग : राजेश कुमार
नगर परिषद ईओ राजेश कुमार ने कहा कि कचरा हम लोगों के ही घरों व प्रतिष्ठानों से निकलने वाला है। इसके लिए डंपिंग साइट जरूरी है। ऐसे में लोगों को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। हर जगह विरोध किए जाने के कारण समस्या और ज्यादा गंभीर हो रही है।
कुरुक्षेत्र। सेक्टर 13 में लगा कचरे का ढेर। संवाद
कुरुक्षेत्र। सेक्टर 13 में लगा कचरे का ढेर। संवाद