कुरुक्षेत्र। हरियाणा निवास में मंगलवार को बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यटन विभाग के आयुक्त व सचिव और केडीबी के सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से देश में 50 विश्वस्तरीय ‘आइकाॅनिक साइट्स’ विकसित की जानी हैं। इनमें कुरुक्षेत्र शामिल होने की उम्मीद है, जो ऐसी प्रदेश की एकमात्र साइट होगी। प्रदेश की तीन साइट्स के नाम केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। इनमें कुरुक्षेत्र भी शामिल होगा। कुरुक्षेत्र का चयन होता है तो यहां विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। इसके साथ ही प्रदेश सरकार धर्मनगरी को पर्यटन व गीता स्थली के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने में लगी है।
बैठक में कुरुक्षेत्र के धर्मनगरी और गीता स्थली के रूप में विकास का खाका भी खींचा। यही नहीं इसके लिए महाभारत अनुभव केंद्र व कुरुक्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों के विकास की योजना बनाई गई है। योजना के मुताबिक महाभारत अनुभव केंद्र के जी-ब्लॉक के शेष निर्माण कार्य को भी गौरवशाली भारत और सरस्वती सिंधु सभ्यता की थीम पर करवाया जाएगा। महाभारत अनुभव केंद्र के मुख्य द्वार को म्यूरल्स डिजाइनों के साथ विशेष भव्यता प्रदान की जाएगी।
बैठक में उन्होंने कहा कि अनुभव केंद्र की यात्रा भारत की आत्मा की यात्रा के समान होगी। इसलिए इसे विकसित करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने महाभारत अनुभव केंद्र में सोवेनियर शॉप, फूड कोर्ट और फोटो शॉप आदि संचालित करने के लिए भी अधिकारियों को कहा। उन्होंने गर्मियों के मद्देनजर महाभारत अनुभव केंद्र के खुलने की समय अवधि बढ़ाने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी यात्रा कर सकें। बैठक में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ऑनलाइन जुड़े जबकि केडीबी मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल और पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक ममता शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पर्यटन बढ़ाने पर जोर, होंगी गतिविधियां
बैठक में स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में विकसित करने के लिए बहुत गंभीर हैं और इसके संबंध में जल्द ही एक बैठक भी करेंगे। उन्होंने कुरुक्षेत्र के सभी पर्यटन स्थलों, विशेषकर महाभारत अनुभव केंद्र के संबंध में पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के लिए विशेष प्रचार कार्य करवाने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग कुरुक्षेत्र के पर्यटक स्थलों की सैर के लिए पहुंचें। इसके लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र में नियमित रूप से आमजन की सहभागिता वाली विविध गतिविधियां करवाने को भी कहा। उन्होंने कुरुक्षेत्र के प्रत्येक चैक-चैराहे, सड़कों और नवनिर्मित एलिवेटिड रेलवे ट्रैक के नीचे के स्थानों के सौंदर्यीकरण के संबंध में भी निर्देश दिए।