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Donkey Route : सुनहरे सपनों का इस तरह हुआ दर्दनाक अंत, करंट लगाया... पेशाब से भी नहलाया

Fri, 07 Feb 2025 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कुरुक्षेत्र

सार

घर पहुंचकर खुशप्रीत ने जो बताया वह रोंगटे खड़े करने वाला है। उसने बताया, जंगल, पहाड़ों, समुद्र में छोटी किश्तियों में सवार होकर वह छह माह में अमेरिका पहुंचा। इस दौरान एजेंट के कारिंदों ने रास्ते में उसे करंट लगाया, पेशाब से नहलाया,भूखा भी रखा।
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डंकी रुट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आंखों में सुनहरे सपने पालकर खुशप्रीत ने अमेरिका जाने का फैसला किया। एजेंट ने 45 लाख का खर्चा बताया। परिवार ने बेटे के सपनों को साकार करने के लिए खेत, घर व पशुओं तक पर ऋण लिया। बेटे को अरमानों से भरकर रवाना कर दिया। इसके बाद जो हुआ वह अमानवीय ही नहीं, नारकीय है। एजेंट उसे डंकी रूट से ले गए। छह माह लगे उसे अमेरिका पहुंचने में। वहां पहुंचने पर अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह सिर्फ 12 दिन वहां रहा, उसके बाद डिपोर्ट कर दिया गया। अब खुशप्रीत भी हर युवा से यही आग्रह कर रहे हैं कि वे कभी भी एजेंटों के जाल में फंसकर विदेश का रुख न करें। अमेरिका जाने के लिए जिंदगी दांव पर न लगाएं। हालात इतने खराब होते हैं कि जिंदा वापस लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। 

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घर पहुंचकर खुशप्रीत ने जो बताया वह रोंगटे खड़े करने वाला है। उसने बताया, जंगल, पहाड़ों, समुद्र में छोटी किश्तियों में सवार होकर वह छह माह में अमेरिका पहुंचा। इस दौरान एजेंट के कारिंदों ने रास्ते में उसे करंट लगाया, पेशाब से नहलाया,भूखा भी रखा। उसे कई दिनों तक बियाबान जंगलों में पैदल चलना पड़ा। अमेरिका पहुंचा तो महज 12 दिन ही रह पाया। वहां से हाथों व पांवों में जंजीरें बांधकर संगीन अपराधियों की तरह घर भेज दिया गया, शुक्र है कि वह जिंदा बच गया।

रुपये नहीं मिले तो माफिया करता था प्रताड़ित
खुशप्रीत बताते हैं कि कभी जंगल तो कभी समुद्र के रास्ते उन्हें भेजा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा व अन्य लोग होते थे। जो चलने में सक्षम न होता तो गिर जाता था। एजेंट के कारिंदे उसे छोड़कर गायब हो जाते थे। जहां पानी पड़ा मिला वहीं पी लेते थे। जो अपने पास होता था बस वही खा लेते थे। माफिया तक एजेंटों ने रुपये नहीं पहुंचाए, जिसकी मांग को लेकर वे करंट लगाते थे। एजेंट फोन नहीं उठाते और माफिया रुपये मांगता था। 
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हथकड़ियां पहनाकर जहाज में बैठाया महिलाओं पर भी नहीं खाया तरस
अमेरिका से डिपोर्ट किए गए जिले के 11 लोगों में चार लोग घर लौट आए हैं। इनमें से अधिकांश मीडिया के सामने आने से बच रहे हैं। कसान गांव के अंकित ने बताया कि वह सात महीने पहले अमेरिका में रोजगार के लिए डंकी रूट से विदेश गया था। मैक्सिको सीमा पर करीब पांच महीने तक रहा। पहाड़ों पर चढ़कर बॉर्डर पार किया। पहाड़ों पार करके 15 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। अंकित ने बताया कि अमेरिका जाने के लिए करीब 45 लाख रुपये खर्च किए। ट्रैवल एजेंट ने 40 दिन में अमेरिका भेजने का वादा किया, लेकिन छह महीने में वह पहुंच सका।     जब वह अमेरिका पहुंचा तो वहां उसके साथ अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। जब डिपोर्ट किया तो न महिलाओं पर तरस खाया और न ही बच्चों पर। हथकड़ियां पहनाकर हवाई जहाज में बैठा दिया। अमृतसर में विमान उतरने से 30 मिनट पहले केवल महिलाओं की हथकड़ियां खोली गईं। संवाद

17 को आ सकता है एक और विमान
अंकित ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने भारतीयों की धरपकड़ शुरू कर दी है। अमेरिका में उसे बताया गया था कि 17 फरवरी को एक और विमान अवैध प्रवासियों को लेकर भारत पहुंचेगा। इसमें कैथल के तीन और युवक शामिल हैं।



घायल और बीमार को छोड़ देते हैं मरने के लिए 
अमेरिका से डिपोर्ट टांडा के दो युवकों ने डंकी रूट की जो कहानी बयान की है, वो दिल दहला देने वाली है। सुखपाल और हरविंदर ने विधायक जसवीर सिंह राजा और डीएसपी को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें एजेंटों ने धोखा दिया और सीधी फ्लाइट की बात कर डंकी रूट से भेज दिया।  सुखपाल ने बताया कि एजेंट ने यूरोप के रास्ते सीधे मैक्सिको की फ्लाइट से भेजने की बात की थी, लेकिन यूरोप पहुंचकर हमें डंकी रूट से जंगल और समुद्र के रास्ते मैक्सिको पहुंचाया गया। इस दौरान उन्होंने करीब 15 घंटे एक नाव में समुद्री यात्रा की। इस दौरान कोई बीमार या घायल हुआ उसे वहीं मरने के लिए छोड़ दिया गया। रास्ते में कई लोगों की मौत हुई और उन्होंने लाशें पड़ी देखीं। हरविंदर ने बताया कि उसे एजेंट ने सीधे मैक्सिको ले जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में कतर ले गया। वहां से ब्राजील और फिर पेरू से समुद्र के रास्ते एक छोटी प्लास्टिक की नाव से ले जाया गया। उसके बाद पैदल मैक्सिको सीमा पार कराई गई। इस दौरान खाने-पीने के लिए कोई इंतजाम नहीं था। कभी कभार उनको ब्रेड मिल जाती, जो पानी में भिगो कर ही खानी पड़ती थी।

अमेरिका में ट्रक ड्राइवर बनने की चाह में लुट गए 40 लाख
क्षेत्र के भदौली के मजरा मारकपुर का 10वीं पास देवेंद्र विर्क (32) ट्रक ड्राइवर बनने के लिए मैक्सिकों के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था। रातों रात अमीर बनने की चाह में 40 लाख रुपये एजेंट ने लूट लिए। परिवार ने कर्ज लिया, अब भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। अल सल्वाडोर पहुंचते ही एजेंट ने गन प्वाइंट पर लेकर 10 लाख रुपये मांगे। परिजन ने मैक्सिको में बैठे माफिया के एजेंट को करनाल में रुपये दिए थे। देवेंद्र ने बताया कि हरियाणा के कैथल में एक ग्रुप ने अमेरिका में प्रवेश दिलाने का दावा किया। एजेंट से तय किया गया था कि रुपये अमेरिका में प्रवेश के बाद दिए जाएंगे। लेकिन, थाइलैंड, वियतनाम, चाइना के रास्ते वह अल सल्वाडोर पहुंचे, जहांं माफिया ने गन प्वाइंट पर ले लिया और तय हुए रुपये की मांग की। परिजनों से बात कराकर 10 लाख रुपये करनाल में दिए गए। इसके बाद ग्वाटेमाला पहुंचकर फिर एजेंट ने रुपये मांगे। रिश्तेदारों से कर्ज लेकर रुपये दिलवाए गए। इसके बाद समुद्री जहाज के जरिए मैक्सिको पहुंचे, यहां फिर उनसे रुपये लिए गए। अमेरिका में 16 जनवरी को प्रवेश लिया और सेना ने पकड़ लिया।

एजेंट होंगे गिरफ्तार, एसपी बना रहे सूचियां

चंडीगढ़ (कुलदीप शुक्ला)। हरियाणा के युवाओं को जिन एजेंटों ने डंकी रूट के जरिए भेजा था, उन पर पुलिस शिकंजा कसने जा रहा है। ऐसे मामलों के लिए प्रदेश में पहले से गठित एसआईटी ने सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि ऐसे एजेंटों की सूची बनाई जाए और कार्रवाई की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसी बीच कुरुक्षेत्र में अमेरिका से लौटे सभी 14 लोगों की शिकायत वीरवार को ही ले ली गई। फतेहाबाद के भूना में भी पुलिस लौटे प्रवासी के घर पहुंची। 

एसआईटी के प्रमुख सिबास कविराज की ओर से लिखे पत्र के अनुसार, जिस-जिस जिले में युवाओं की वापसी हुई है, वहां की स्थानीय पुलिस युवाओं के घर खुद जाएगी और उनकी शिकायत लेगी। इसके बाद उनको भेजने वाले सभी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधड़ी करने सहित अन्य धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करेगी। जैसे-जैसे डंकी रूट से आने वाले युवाओं की संख्या बढ़ेगी, उनका नाम भी पुलिस रिकॉर्ड में जुड़ता जाएगा। 

पंजीकरण की होगी जांच
सभी जिलों में ट्रैवल एजेंसियों के पंजीकरण की जांच भी की जाएगी। पुलिस ट्रैवल एजेंसियों के कर्मचारियों, एजेंसियों के कामकाज का लेखा-जोखा, उनकी मार्फत विदेश जाने वाले कुछ लोगों के रिकॉर्ड देखेगी और उनसे बातचीत करेगी। गड़बड़ी मिलने पर ट्रैवल एजेंसियों व एजेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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