कुरुक्षेत्र। गीता कुंज आश्रम बद्रीनारायण मंदिर ज्योतिसर के स्वामी मुक्तानंद एवं कंज्यूमर कोर्ट की अध्यक्ष डॉ.नीलिमा शांगला ने हरियाली अमावस्या पर पूजा अर्चना की। लिखित रूप में संदेश देते हुए कहा कि स्वामी मुक्तानंद ने कहा कि हरियाली अमावस्या के दिन पितृ पूजन, पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। इसके साथ ही हरियाली अमावस्या पर दान करने से दुख दूर होते हैं और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि श्रावण की अमावस्या पर शिवपूजन का विशेष फल मिलता है। शिवजी को गंगाजल, दूध, दही आदि से स्नान कराने और भांग-धतूरा, बेल पत्र आदि चढ़ाने का बड़ा महत्व है। इसके साथ ही हरियाली तीज पर क्षमता के मुताबिक दान करना चाहिए। इससे पितृ भी प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष दूर होता है। साथ ही भगवान शिव का भी आशीर्वाद मिलता है। डॉ नीलिमा शांगला ने कहा कि हरियाली अमावस्या के दिन छायादार पेड़ लगाना चाहिए। साथ ही पौधे का दान करने का भी पुण्य फल मिलता है। बताया जाता है कि हरियाली अमावस्या पर ये पौधे लगाने से न सिर्फ भगवान शिव और पितृ प्रसन्न होते हैं बल्कि आर्थिक परेशानियां भी दूर होती हैं। चूंकि अमावस्या की तिथि शनि देव को समर्पित होती है। ऐसे में हरियाली अमावस्या पर शनि चालीसा, शिव चालीसा का पाठ करने के बाद शमी का पौधा लगाएं। इससे आपको शिवजी और शनि महाराज दोनों का आशीर्वाद मिलेगा। साथ ही सफाईकर्मियों, चौकीदारों आदि को आर्थिक रूप से दान दे सकते हैं। इस मौके पर आचार्य योगेंद्र एवं पंडित टीकम वेद मंत्रों सहित पूजा अर्चना की गई।