कुरुक्षेत्र। शहर में आवारा कुत्तों की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। रविवार को एक महिला को कथित रूप से आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिसके बाद अस्पताल में इलाज को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।
रविवार को हुई इस घटना ने शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद घायल महिला को परिजन तुरंत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर उसे तत्काल उपचार देने के बजाय आधार कार्ड लाने के लिए कहा गया। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और परिजन मदद की गुहार लगाते रहे।
परिजनों का कहना है कि रेबीज का इंजेक्शन लगाने में भी देरी की गई और कागजी औपचारिकताओं का हवाला दिया गया। महिला ने सवाल उठाया कि क्या आपातकालीन स्थिति में भी पहचान पत्र अनिवार्य है। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नाराज महिला का कहना है कि एक ओर शहर में आवारा कुत्तों की समस्या विकराल रूप ले रही है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में इमरजेंसी मरीजों को समय पर इलाज न मिलना चिंताजनक है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।