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ढाई माह पूर्व कुत्ते ने युवक को काटा, नहीं लगवाया रेबीज इंजेक्शन अब हाईड्रोफोबिया की चपेट में आया

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dog bite - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। पागल कुत्ते का काटना एक दिव्यांग व्यक्ति को भारी पड़ गया। एंटी रेबीज इंजेक्शन न लगने के कारण वह ढाई माह बाद हाईड्रोफोबिया वायरस की चपेट में आ गया है। अब व्यक्ति अजीबो-गरीब हरकतें कर रहा है, इसके साथ ही उन्हें पानी से बेहद डर लग रहा है। परिजन रविवार को पीड़ित व्यक्ति को पिहोवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे एलएनजेपी अस्पताल के लिए रेफर दिया। यहां चिकित्सकों ने उसका परीक्षण किया और उसे हाईड्रोफोबिया से ग्रस्त बताकर उसे चंडीगढ़ पीजीआई के लिए रेफर किया गया है।
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असमानपुर के बाजीगर डेरा पिहोवा निवासी गीता ने बताया कि उसके पति जगीरा को दिवाली पर पागल कुत्ते ने टांग पर काटा था, जिसके बाद उसके पति ने तत्काल एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया, लेकिन अब पिछले दो दिनों से जगीरा पानी पीना तो दूर उससे देखकर ही घबराने लगा है। उसी दिन से उसने खाना-पीना छोड़ दिया और रविवार सुबह वह पिहोवा सीएचसी के बाद एलएनजेपी अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के पश्चात उसके पति को हाईड्रोफोबिया से ग्रस्त बताया। एलएनजेपी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि जगीरा ने समय पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया, जिसके कारण अब करीब ढाई माह बाद रेबीज का हाईड्रोफोबिया वायरस उसके दिमाग तक चला गया। इसी कारण वह अब पानी को देखते ही घबराने लगा है। कहा कि पागल कुत्ते के काटने पर अगर कोई व्यक्ति समय-समय पर एंटी रेबीज इंजेक्शन न लगवाए तो वह हाईड्रोफोबिया और एरोफोबिया की चपेट में आ सकता है। वैसे इन संक्रमित बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए सरकार द्वारा नई दिल्ली में राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान बनाया गया है, लेकिन इन बीमारियों का कोई स्थायी इलाज नहीं है।
कुत्ते और बंदर के काटने पर तत्काल लगवाए एंटी रेबीज इंजेक्शन
विशेषज्ञ का कहना है कि कुत्ते और बंदर के काटने पर तत्काल एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए, ताकि वायरस को शरीर में फैलने से रोका जाए। डॉ. शैली ने कहा कि जब रेबीज का वायरस व्यक्ति के शरीर में फैलता है तो पानी या हवा लगते ही चेहरे और शरीर की मांसपेशियां अकड़ने लगती हैं। हाईड्रोफोबिया और एरोफोबिया जानलेवा साबित होती है, जिनका कोई उपचार भी नहीं है। कहा कि कुत्ते व बंदर के काटने पर तत्काल साबुन के पानी से घाव को धोएं और उसके पश्चात एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए। कहा कि अगर पागल कुत्ते ने काटा हो तो पीड़ित व्यक्ति पहले दिन, चौथे, आठवें, 15वें, 29वें और 60वें दिन एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए और फिजीशियन की देखरेख में दवाओं का सेवन करे।
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