अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियरिंग की परीक्षाओं के लिए भारी भरकम फीसों का भुगतान कर निजी संस्थानों व कोचिंग सेंटरों पर नहीं भटकना पड़ेगा। उन्हें यह सुविधा उनके स्कूलों में ही मिलेगी और उस पर भी कोई खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा।
लेकिन यह सुविधा 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों को ही मिल पाएगी। इन बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही नि:शुल्क ट्यूशन देने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है, जिसे अमल में लाने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए है। जिनके अनुसार ब्लाक स्तर पर सरकारी स्कूलों में सायं 3 बजे से लेकर 6 बजे तक गणित, फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी आदि विषयों को पढ़ाया जाएगा। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकारी स्कूल के ही शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इन बच्चों को पढ़ाने का मौका दिया जाएगा।
इसके लिए शिक्षक स्वेच्छा से अपने नाम जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में दे सकता हैं। जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत शर्मा ने इस संबंध में लघु सचिवालय में जिला के ब्लाक स्तर के शिक्षा अधिकारियों की एक बैठक भी ली। जिसमें उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशानुसार सरकारी स्कूलों में ब्लाक स्तर पर मेडिकल व नॉन मेडिकल के विद्यार्थियों को विद्यालय में निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। कुरुक्षेत्र के थानेसर, पिहोवा, इस्माईलाबाद, शाहबाद, बाबैन व लाडवा के राजकीय स्कूलों में सायं 3 बजे से लेकर सायं 6 बजे तक विशेष कोचिंग कक्षाओं को आयोजन किया जाएगा। जो छात्र विभाग द्वारा दी जाने वाली इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, उनकी सूचि आगामी दो दिनों के अंदर तैयार करवाकर मुख्यालय को भेजनी सुनिश्चित करनी होगी।
इस कोचिंग का कार्य खंड स्तर पर किया जाना है, इसलिए खंड स्तर के एक विद्यालय का नाम भी मुख्यालय को भिजवाया जाना है ताकि विभाग अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई और सुविधाएं उपलब्ध करवा सके।
प्रतिमाह डीईओ कार्यालय में लगेगा खुला दरबार
डीईओ परमजीत शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की समस्याओं को मौके पर निपटारा करने के लिए प्रतिमाह डीईओ के कार्यालय में खुला दरबार की व्यवस्था की गई हैं। इसलिए खंड स्तर के अध्यापकों की समस्याएं खंड स्तर पर बीईओ द्वारा निपटाई जाएंगी और जिलास्तर के अध्यापकों की समस्याएं जिलास्तर पर ही हर माह निपटाई जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को हर माह 15 तारीख तक प्राप्त शिकायतों का निपटारा कर इसकी रिपोर्ट कार्यालय में देनी होगी।