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दिवाली बाजार : इलेक्ट्रॉनिक झूमर रंगीन बल्ब और स्टार लाइटों की मांग

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कुरुक्षेत्र। रंग बदलने वाली स्वदेशी लड़िया। संवाद - फोटो : लंभुआ कोतवाली परिसर में रखे पटाखे।
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कुरुक्षेत्र। दिवाली का पर्व आते ही शहर के बाजार रोशनी से जगमग हो उठे हैं। जगह-जगह इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर आकर्षक लाइटों और सजावटी सामग्री की चमक लोगों को अपनी ओर खींच रही है। इस बार बाजार में चाइनीज और स्वदेशी दोनों तरह की लड़ियों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है।
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जहां एक ओर ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार रंग-बिरंगी लड़ियां चुन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। पिछले कुछ सालों में जहां चाइनीज लाइटों ने बाजार में दबदबा बनाए रखा था। वहीं इस बार स्वदेशी लड़ियों ने भी ग्राहकों का ध्यान खींचा है। दुकानदारों का कहना है कि अब लोगों का झुकाव देशी उत्पादों की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य चौक से लेकर छोटी गलियों तक बाजार में सजावट का आलम देखने लायक है। दुकानों के बाहर रंग-बिरंगी लाइटों की चमक ने रात को दिन बना दिया है। लाइटों के अलावा घरों को सजाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक झूमर, रंगीन बल्ब, टिमटिमाती लड़ियां, स्टार और दीवार हैंगिंग की भी भरपूर डिमांड है। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बनी हुई है। जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इलेक्ट्रॉनिक बाजार की रौनक बढ़ती जा रही है। व्यापारी उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ेगी। सड़क किनारे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूम तक सभी खुश नजर आ रहे हैं।
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पाहवा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक रमन पाहवा ने बताया कि ग्राहक स्वदेशी बनाम चाइनीज की बहस में नहीं पड़ रहे। वे आकर्षक रंग, डिजाइन और रोशनी की गुणवत्ता देखकर ही खरीदारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी कंपनियां अब मोटे बल्ब और लंबे समय तक चलने वाली लड़ियां बना रही हैं, जो लोगों को काफी पसंद आ रही हैं। कई ग्राहक तो विशेष रूप से मोटे बल्ब वाली लड़ियां ही मांग रहे हैं, क्योंकि वे ज्यादा रोशनी देती हैं और जल्दी खराब नहीं होतीं। लोग गिफ्ट आइटम में भी लड़िया खरीद रहे हैं।
स्वदेशी की बिक्री में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी

इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी गुरदेव सिंह ने बताया कि इस बार स्वदेशी लाइटों की बिक्री में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। पहले के मुकाबले अब भारतीय कंपनियां भी डिजाइन और क्वालिटी में बहुत सुधार कर चुकी हैं। पहले पूरा बाजार चाइनीज माल से भरा रहता था, पर अब ग्राहक स्वदेशी लड़ियां देखकर खुद प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राहकों की पसंद : रंग और टिकाऊपन
खरीदारी करने आई गृहिणी निधि ने बताया कि उन्हें इस बार स्वदेशी मोटे बल्ब वाली लड़ियां ज्यादा पसंद आईं। उन्होंने बताया कि पहले चीनी लाइटें सस्ती होती थीं, पर वे जल्दी खराब हो जाती थीं। अब देशी लाइटें भी आकर्षक डिजाइन में आ रही हैं और टिकाऊ भी हैं। युवा अंकित ने बताया कि उन्होंने अपने कमरे को सजाने के लिए रंग बदलने वाली आरजीबी लाइट स्ट्रिप खरीदी है, जो मोबाइल एप से कंट्रोल होती है। इसमें स्वदेशी और चाइनीज दोनों ऑप्शन मिले, लेकिन उन्होंने भारतीय ब्रांड को चुना क्योंकि वारंटी भी मिल रही थी।
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कुरुक्षेत्र। रंग बदलने वाली स्वदेशी लड़िया। संवाद- फोटो : लंभुआ कोतवाली परिसर में रखे पटाखे।

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