संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। अनाजमंडी में शनिवार सुबह करीब दो घंटे धान खरीद होने के बाद किसानों व आढ़तियों के बीच नमी की आड़ में कट लगाने पर विवाद हो गया। इसके बाद न केवल आढ़ती हड़ताल पर उतर आए बल्कि खरीद भी ठप हो गई। विवाद बढ़ा तो अधिकारियों के भी पसीने छूट गए और दोनों ओर से सुलह का शाम तक प्रयास किया जाता रहा।
जानकारी के अनुसार दोपहर के समय भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप से जुड़े किसान आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान के कार्यालय के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी की। किसानों ने नमी की आड़ में कट के आरोप आढ़तियों पर लगाए तो दोनों एसोसिएशन भड़क गई। इसके बाद आढ़तियों ने अपनी दुकानों के शटर बंद कर दिए। भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस का कहना था कि मंडी में कुछ आढ़ती राइस मिलर्स को भड़का रहे हैं और नमी को देखते हुए कट ज्यादा लगाने को कह रहे हैं। जबकि आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बिट्टू कालड़ा ने कहा कि कट से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह किसान और राइस मिल एसोसिएशन का आपसी मामला है, जिसे वह सुलझाने का प्रयास कर रहे थे। विवाद की सूचना मिलने पर डीएसपी रामकुमार और थाना प्रभारी सुनील वत्स पुलिस टीम के साथ मंडी पहुंचे और मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। शाम तक एसडीएम के हस्तक्षेप के साथ दोनों पक्षों की ओर से मामला शांत करवाए जाने के प्रयास जारी रहे, जिसके लिए पांच-पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई।
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प्रधान का नाम आने पर गुस्साए आढ़ती
बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की कि कोई भी आढ़ती व शैलर मालिक नमी की आड़ में धान खरीद पर कट लगाए तो यूनियन को बताया जाए। इसके बाद किसान जुटने लगे तो विवाद भी शुरू हो गया। वहीं इसी बीच आढ़ती एसोसिएशन प्रधान बिट्टू कालड़ा का नाम भी किसान यूनियन की ओर से उछला तो मामला और बढ़ गया। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने वीडियो पोस्ट कर कहा कि किसानों के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे। इसके बाद किसानों ने एकजुट होकर नारेबाजी शुरू कर दी।
उधर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बिट्टू कालड़ा ने कहा कि चढूनी गुट के सदस्य बेवजह उनका नाम लेकर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने किसानों को यह आह्वान किया था कि राइस मिलर्स के साथ बैठक कर चर्चा करनी चाहिए। इसके बाद किसान उनके कार्यालय पर आकर नारेबाजी करने लगे। मंडी में हड़ताल के चलते लेबर भी काम की इंतजार में बैठी रही।
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राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान अमित गुप्ता का कहना है कि उन्हें नमी का कोई मतलब नहीं है। यह खरीद एजेंसी ही जानें। मिलर्स सरकारी आदेश पर काम करेंगे। किसानों और आढ़तियों के आपसी विवाद के बाद प्रशासन भी सतर्क हो चुका है। मंडी सचिव कृष्ण कुमार मालिक ने कहा कि सुबह दो घंटे खरीद हुई है।