कुरुक्षेत्र पहुंचे जगदीश झींडा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधानगी को लेकर सिख नेताओं के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब विरोध में उतरे सभी सिख नेताओं ने संगत के बीच जाकर लॉबिंग शुरू कर दी है। इसी के चलते कमेटी के संस्थापक रहे जगदीश सिंह झींडा गुरुवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही पहुंचे, जहां वे संगत के साथ बैठक करेंगे।
इससे पहले उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वे उसी समय 50 फीसदी लड़ाई जीत चुके, जब दादूवाल लाख प्रयास के बावजूद कमेटी के प्रधान नहीं बन पाए हैं। अब बाकी 50 फीसदी लड़ाई संगत खुद लड़ लेगी। वे संगत के बीच उतरे हैं और जो फैसला संगत लेगी वही मंजूर होगा।
झींडा ने कहा कि प्रधान बनने की मंशा दादूवाल के मन में ही रह गई है और यह उनकी दागदार छवि को लेकर करारा जवाब है। झींडा ने कहा कि उन्हें फिर निशाने पर लिया और कि वे किसी भी स्तर पर प्रधान नहीं बनने चाहिए थे और ऐसा ही हुआ। उन्हें प्रधान न बनाए जाने के फैसले का वे स्वागत करते हैं।
नलवी आएंगे तो स्वागत
झींडा का कहना है कि छठी पातशाही गुरुद्वारा में संगत की बैठक को लेकर उन्होंने व्यक्तिगत बुलावा किसी को नहीं भेजा, लेकिन खुला पत्र ग्रुप के जरिए जारी किया है, जिसमें सभी को बुलाया गया है। इसमें दीदार सिंह नलवी व अन्य नेता आएंगे तो उनका स्वागत होगा। नलवी उनके संघर्ष के पुराने साथी व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे हैं और व्यक्तिगत उनसे कोई विरोध नहीं है। इस लड़ाई में वे उनके साथ आना चाहेंगे तो वे भी स्वागत के लिए तैयार हैं।
बाबा कर्मजीत से न विरोध न सहमति
झींडा ने कहा कि प्रधान बने बाबा कर्मजीत सिंह से उन्हें अपने स्तर पर न विरोध है और न ही सहमति है। इस कमेटी के विरोध में उतरना है या अन्य फैसला करना है, यह संगत पर निर्भर है। वे संगत की राय लेने के लिए कार्यक्रम तय कर रहे हैं।