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Kurukshetra News: नवजात बच्चे के जीवन को बचाने के लिए डायल करें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर

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कुरुक्षेत्र। नवजात बच्चे के जीवन को बचाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल करें। इस हेल्पलाइन नंबर के साथ-साथ सरकार की हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी इंदू शर्मा ने बताया कि इन नंबरों पर सूचना मिलने के तुरंत बाद नवजात बच्चे को मिशन वात्सल्य के तहत बनाएं गए केंद्रों में भेजा जाएगा। इन केंद्रों पर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का संरक्षण किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के संज्ञान में आया है कि नवजात बच्चों को पालने में असमर्थ अभिभावक अपने नवजात बच्चों को झाड़ियों, डस्टबिन या अन्य सार्वजनिक असुरक्षित स्थानों पर रख देते हैं। इन स्थानों पर नवजात बच्चे की जिंदगी को खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार ऐसे नवजात बच्चों के अभिभावक अपने नवजात बच्चों को जिले में शिशु पालन स्वागत केंद्र में रख सकते हैं। यहां पर जिला बाल संरक्षण यूनिट या बाल कल्याण समिति के द्वारा अपने संरक्षण में लेकर नवजात बच्चों को आगे गोद प्रक्रिया में डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों का परित्याग करने वाले संबंध में जिला बाल कल्याण संरक्षण कार्यालय के प्रथम तल कमरा नंबर 219 लघु सचिवालय व बाल कल्याण समिति कमरा नंबर 218 प्रथम तल लघु सचिवालय में संपर्क कर सकते हैं। इस सूचना के मिलते ही नवजात बच्चे की जिंदगी को बचाया जा सकता है। नागरिकों से प्रशासन बार-बार अनुरोध कर रहा है कि नवजात बच्चों को झाड़ियों, कूड़े के ढेर व अन्य असुरक्षित स्थान पर न फेंकें बल्कि अस्पतालों के सामने स्थापित किए गए शिशु पालन केंद्र में रखें। इस जिले में एलएनजेपी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिहोवा, बाल देखरेख संस्थान कुरुक्षेत्र, ओपन सेल्टर होम में नवजात बच्चों का पालन करने की व्यवस्था की गई है।
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