कुरुक्षेत्र। नाटक की प्रस्तुति देते कलाकार। विज्ञप्ति
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कुरुक्षेत्र। पंचलाइट के चक्कर में हम तो सुबह से चूल्हा-चौका भी ना किए, यही सोचे थे कि पंचलाइट आएगा तो गुजिया बनाकर पूरे टोला को खिलाएंगे लेकिन अब ना ई पंचलाइट जलेगा ना ही गुजिया बनेगी। इसी तरह के संवादों के साथ धर्मनगरी के कलाकारों ने चंडीगढ़ में हास्य नाटक पंचलाइट प्रस्तुत कर अशिक्षा पर प्रहार किया।
चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी और हरियाणा कला परिषद द्वारा पांच दिवसीय हरियाणा रंग उत्सव का आयोजन किया गया। 27 जनवरी से शुरू हुए हरियाणा रंग उत्सव में तीसरे दिन हरियाणा कला परिषद की ओर से विकास शर्मा द्वारा निर्देशित हास्य नाटक पंचलाइट का मंचन करवाया गया। फणीश्वर नाथ रेणू की बहुचर्चित कहानी पर आधारित नाटक पंचलाइट का मंचन न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप द्वारा किया गया।
चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ रंगकर्मी सुदेश शर्मा तथा समाजसेवी राहुल महाजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। नाटक पंचलाइट की कहानी बिहार के गांव के भोले-भाले लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है। जहां गांव में बिजली न होने के कारण महतो टोली के लोग दंड और जुर्माने के रुपये एकत्रित करके पंचलाइट खरीद लेते हैं। जब शहर से पंचलाइट गांव में आती है तो खूब खुशियां मनाई जाती हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचलाइट जलानी नहीं आती। टोला वाले पंचलाइट न जलाने के लिए एक दूसरे को कहते हैं, किंतु कोई भी पंचलाइट जलाने में सफल नहीं हो पाता लेकिन गांव का एक आवारा लड़का गोधन जो पढ़ा लिखा है तथा जिसे टेक्नोलॉजी का ज्ञान है, उसे ही पंचलाइट जलानी आती है। गोधन गांव की ही लड़की मुनरी से प्यार करता था लेकिन मुनरी से प्यार करने वाले कल्लू को उन दोनों का मिलना पसंद नहीं था और वह मुनरी की अम्मा को सब बता देता है।
मुनरी की अम्मा पंचायत बुला लेती है, जिसमे फैसला होता है कि गोधन का हुक्का पानी बंद कर दिया जाए। इस प्रकार गोधन और मुनरी का मिलना जुलना बंद हो जाता है और गोधन को गांव से निकाल दिया जाता है लेकिन पंचलाइट आने पर मुनरी सबको बताती है कि गोधन को ही पंचलाइट जलानी आती है। इज्जत बचाने के चक्कर में सरपंच गोधन को बुलवाकर पंचलाइट जलाने के लिए कहता है लेकिन गोधन शर्त रखता है कि यदि मुनरी से उसकी शादी करवाई जाए तभी वह पंचलाइट जलाएगा। पंचायत उसकी बात मान लेती है और गोधन का मुनरी से ब्याह करवाने का वादा करती है। तब गोधन पंचलाइट जला देता है और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ जाती है।