कुरुक्षेत्र। फाल्गुन अमावस्या के चलते वीरवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचे, जहां उन्होंने आस्था की डुबकी लगाई तो वहीं पूजा भी की। अल सुबह से ही बारिश का मौसम बना रहा लेकिन श्रद्धालुओं की श्रद्धा बदले मौसम पर भारी पड़ी। श्रद्धालु भी अल सुबह से ही पवित्र ब्रह्मसरोवर तटों पर पहुंचना शुरू हो गए थे और दिनभर यह सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने पहले स्नान किया और फिर पूजा की। श्रद्धालुओं में महिलाओं से लेकर बच्चे भी शामिल रहे। उनका कहना था कि इस अमावस्या का बड़ा महत्व होता है। ऐसे में बारिश के मौसम व ठंडी हवाओं के चलते भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
फाल्गुन अमावस्या की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व : महंत जगन्नाथ पुरी
अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने सर्वकल्याण की भावना से महाशिवरात्रि के अवसर पर किए जा रहे सवा लाख महामृत्युंजय जाप का समापन करने के उपरांत अनुष्ठान किया। इसके उपरांत उन्होंने वीरवार को फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर विशेष पूजन किया।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होता है। अमावस्या पर पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्तम दिन माना जाता है। इस दिन पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि फाल्गुन अमावस्या पर पूजा से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा भी की जाती है।