कुरुक्षेत्र। गीता की नगरी में इस्कॉन से जुडे़ श्रीकृष्ण भक्तों ने सैकड़ों की संख्या में शामिल होकर शहर में श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली। इस दौरान हरिनाम कीर्तन से वातावरण सराबोर हो उठा। आस्था केंद्र इस्कॉन मंदिर की सेवक मंडली ने शोभायात्रा से पूर्व बेहतरीन प्रबंध करने में कसर नहीं छोड़ी। मंदिर के मुख्य द्वार के अलावा श्री व्यास गौड़ीय मठ के आसपास के क्षेत्र को सजाया गया।
ब्रह्मसरोवर-केडीबी रोड पर भी रंग-बिरंगी चुनरियों एवं झालरों सहित विभिन्न प्रकार की आकर्षक सज्जा की गई। गौड़ीय मठ से भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की विशाल एवं भव्य रथयात्रा शुरू हुई। ब्रह्मसरोवर परिसर से आरंभ हुई रथयात्रा विभिन्न चौराहों, मार्गों से होकर श्रद्धानंद चौक से लगते ओवरब्रिज के माध्यम से अग्रसेन चौक से मोहन नगर तक पहुंची।
रथयात्रा को खींचते हुए श्रद्धालुओं ने अनूठी भक्ति का प्रमाण दिया। बड़ी संख्या में भक्त रथ को खींचते और उसके निकट ही महिलाएं-बच्चियां और पुरुष श्रद्धालु नृत्य करते रहे। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को विशेष रूप से 56 प्रकार के भोग क्रेन द्वारा अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन एवं जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हुआ। भक्तगण प्रेमपूर्वक रथ की रस्सियां खींचकर भगवान की सेवा करते रहे। सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा स्वागत मंच, पुष्पवर्षा, भोग अर्पण एवं जल सेवा की व्यवस्थाएं की गई। रथयात्रा की विशेष पहचान हरिनाम संकीर्तन रहा।
मृदंग, करताल और मधुर कीर्तन के साथ भक्तगण नृत्य करते चले। युवा, महिलाएं, बच्चे और वरिष्ठजन हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे महामंत्र का संकीर्तन करते दिखाई दिए। रथयात्रा जाट धर्मशाला, थीम पार्क, गुरुद्वारा चौक, रेलवे रोड, खंडा चौक होते हुए सेक्टर-13 स्थित कम्युनिटी सेंटर पहुंची। यहां स्वागत के साथ महाआरती की गई। वहीं भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कुरुक्षेत्र। भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान आशीर्वाद लेते भक्त। संवाद
कुरुक्षेत्र। भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान आशीर्वाद लेते भक्त। संवाद