कुरुक्षेत्र। गांव बिहोली स्थित चर्च में संदेश देते पादरी सुखवंत मसीह। संवाद
कुरुक्षेत्र। पिपली-लाडवा मार्ग पर लिंक रोड पर गांव बिहोली की चर्च में भी इसाई समाज ने ईस्टर मनाया। पादरी सुखवंत मसीह ने बताया कि उनके पिता बशीर मसीह की ओर से 1990 में बनाई चर्च में लगभग 35 वर्षों से लोगों की प्रार्थनाएं सुनी जा रही हैं। प्रेयर की जाती है कि जो विश्वास करके आएं, उन्हें प्रभु स्वस्थ करें। सच्चाई के मार्ग पर चलाए और अच्छे कर्म का फल मिले। प्रभु कष्टाें का निवारण करते हैं।
ईस्टर डे गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद आता है। तीसरे दिन से अर्थ है कि सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशू मसीह इस दिन फिर मुर्दाें के बीच जिंदा हो गए थे और अपनी कब्र से बाहर आ गए थे। उन्होंने फिर से दुनिया में पीड़ितों को राहत दी। दुनिया के कल्याण में लगे और समय अनुसार आसमान की ओर चले गए। बोलकर गए फिर से दुनिया में आऊंगा। इस अवसर पर इमैन्युअल मसीह, रॉबर्ट मसीह, जसविंदर मसीह, अभिषेक मसीह, मनी मसीह सहित शाहाबाद, लाडवा, इंद्री, नीलोखेड़ी, थानेसर और ढांड इत्यादि स्थानों से समाज के लोगों ने प्रार्थना की।