कुरुक्षेत्र। पर्यटन की ओर कदम बढ़ा रही धर्मनगरी अब सीएम सिटी बन गई है। अब न केवल शहर का कायाकल्प होगा बल्कि विकास कार्य भी रफ्तार पकड़ेंगे। इसकी झलक सीएम सिटी बनने के अगले ही दिन बुधवार को भी दिखाई दी, जहां नगर प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। अल सुबह से ही प्रशासन ने सफाई कर्मियों के दल सड़कों पर उतार दिए। सेक्टर तीन स्थित सीएम आवास से लेकर आसपास के एरिया के कोने-कोने कचरा हटाया गया तो अधिकारी खुद निगरानी करते दिखाई दिए। पुलिस से लेकर अन्य विभागों में भी दिनभर हलचल मची रही। सीएम आवास के आसपास सुरक्षा को चाक चौबंद किया गया तो वहीं दूसरे विभागों के अधिकारी भी अपने-अपने स्तर पर विकास कार्यों को लेकर योजना बनाने में जुट गए।
उल्लेखनीय है कि धर्मनगरी पर्यटन के तौर पर भी बड़ी पहचान बनाने लगी है लेकिन लंबे समय से शहर की ही सड़कें न केवल जर्जर अवस्था में रही बल्कि अनेक विकास परियोजनाएं भी उम्मीदों तक ही सिमटी रही हैं। शहर में आज तक सफाई व्यवस्था ही बेहतर नहीं हो पाई है। यहां तक कि करीब दो माह पहले ही जारी हुई स्वच्छता रैंकिंग में प्रदेश में सबसे पिछड़े स्तर पर रही थी तो आज तक डंपिग साइट तक तय नहीं हो पाई।
जिस मुख्य सड़क पर भाजपा कार्यालय, उसका निर्माण 10 साल से अटका
बता दें कि वीआईपी कही जाने वाली केडीबी रोड से नेशनल हाईवे को मिलाने वाली सड़क पिछले करीब 10 साल से निर्माण की बाट जोह रही है। उमरी चौक से पॉवर ग्रिड कॉम्प्लेक्स तक करीब तीन किलोमीटर लंबी यह सड़क बनाने को लेकर शहरवासी अनेक बार सड़कों पर भी उतर चुके हैं। हालांकि करीब डेढ़ साल पहले 1.90 करोड़ की लागत से यह सड़क एक साइड से बनाई गई तो दूसरा हिस्सा आज भी ज्यों का त्यों पड़ा है। एक हिस्से की बनाई गई सड़क भी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। करीब एक साल पहले इसी सड़क किनारे जिला भाजपा कार्यालय भी बन गया था, जिसके चलते लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब इस सड़क का निर्माण जरूर होगा, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। बता दें कि सीएम आवास से यह सड़क महज एक किलोमीटर है और सभी भारी वाहन दिनभर इसी सड़क से ही गुजरते हैं। लोगों द्वारा उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन कम से कम अब इस सड़क की जरूर सुध लेगा।
कॉलोनियां भी वैध होने का इंतजार
प्रदेश सरकार पिछले कुछ माह के दौरान ही प्रदेश में डीटीपी व स्थानीय निकायों के अधीन बड़े स्तर पर अवैध कॉलोनियों को वैध घोषित कर चुकी है लेकिन आज तक धर्मनगरी की स्थानीय निकाय के अधीन एक भी कॉलोनी इस दौरान वैध नहीं हो पाई है। हालांकि नगर प्रशासन व सरकार की ओर से दावा किया जाता रहा कि यहां भी अवैध कॉलोनियों को तय मापदंडों के अनुसार जल्द वैध किया जाएगा। इसके लिए नगर प्रशासन की ओर से 62 कॉलोनियों की सूची भी तैयार की गई थी, लेकिन लोग आज भी कॉलोनियां वैध किए जाने के इंतजार में हैं।