कुरुक्षेत्र/पिहोवा/लाडवा। पंजाब सीमा से सटे ट्यूकर बॉर्डर पर 600 घंटे (25 दिन) के बाद आज वीरवार को किसानों का पक्का मोर्चा हटेगा। इसे भाकियू शादीपुर के प्रधान ने यहां से आंदोलन समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया है। साथ ही किसानों को एसकेएम की दिल्ली रैली के लिए रवाना होने का आह्वान किया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें नाकाबंदी से हटने के कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। दूसरी ओर बैठे किसान अगर धरना खत्म करेंगे तो उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को पहुंचाई जाएगी।
भाकियू शादीपुर के प्रधान बूटा सिंह ने दावा करते हुए कहा कि उनकी टीम के 150 से ज्यादा किसान दिल्ली पहुंच गए चुके हैं। सभी किसान पटियाला से ट्रेन में रवाना हुए। दावा किया बुधवार रात भी करीब 100 किसान दिल्ली कूच करेंगे। इसके अलावा वीरवार को उनके जत्थे के साथ कई गाड़ियां जिला कुरुक्षेत्र से होते हुए राजधानी पहुंचेंगे। इसके लिए उन्होंने योजना बना ली है। वे लोग भागल जिला कैथल से पिहोवा व कुरुक्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने ट्यूकर बॉर्डर पर चल रहे धरने को भी समाप्त करने का एलान किया है। आज वीरवार को यहां से धरना समाप्त कर दिया जाएगा। वहीं ट्यूकर बॉर्डर पर किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किए गए बंदोबस्त कायम रहेंगे। ट्यूकर बॉर्डर पर नौ फरवरी को हरियाणा-पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया था। हालांकि दीवाना गांव के घग्गर नदी के पुल और इस्माईलाबाद के कुम्हार माजरा में की गई नाकाबंदी में प्रशासन ने ढील देकर वाहनों के लिए रास्ता दिया था।
भाकियू चढूनी गुट भी पहुंचेगा दिल्ली
भाकियू चढूनी के प्रवक्ता प्रिंस वडैच ने बताया कि भाकियू चढूनी ने एसकेएम को समर्थन दिया है। बाबैन से किसान साथी ट्रेन में दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। पिहोवा से उनका जत्था आज सुबह गाड़ियों से रवाना होगा। वहीं कुछ साथी सुबह की ट्रेन से रवाना होंगे।
अभी जारी रहेगा नाका
डीएसपी पिहोवा रजत गुलिया ने बताया कि किसानों के अन्य मार्गों से दिल्ली कूच के बारे में कोई जानकारी नहीं है, मगर ट्यूकर बॉर्डर पर लगा नाका जारी रहेगा। अगर दूसरी तरफ मौजूद किसान वहां से हटते है तो उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को पहुंचाई जाएगी। उनके निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई होगी।
टिकैत गुट पहले ही बना चुका था रणनीति
भाकियू टिकैत गुट पहले ही दिल्ली जाने के लिए रणनीति बना चुका था और बुधवार को अनेक किसान रवाना हुए। जिलाध्यक्ष मदनपाल इस संबंध में लगातार किसानों के साथ बैठकें कर रहे थे। गत दिवस भी उन्होंने लाडवा अनाजमंडी में बैठक की थी, जिसमें न केवल किसानों के हालात पर बल्कि दिल्ली में जुटने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की थी। वहीं उन्होंने बताया कि जिले से किसान दिल्ली अपने-अपने स्तर पर पहुंचेंगे।