लाडवा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद सीएम सिटी में सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्ते धड़ल्ले से घूम रहे हैं। सरकारी अस्पताल में हर महीने 30 से 35 मरीज पहुंच रहे हैं। कुत्ते के काटे जाने से एक बच्चा 15 दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहा है। रजत निवासी बपदा ने बताया कि उनकी छह वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उसको चेहरे पर काटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया।
वहीं जैनपुर जाटान निवासी रवि व अनुज शर्मा ने बताया कि गांव में एक ही दिन में एक कुत्ते ने तीन बच्चों को काटकर जख्मी कर दिया जिसमें एक बच्चे को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लेकर जाना पड़ा। बच्चा पिछले लगभग 15 दिनों से स्कूल भी नहीं जा पा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने लोगों की सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवारा कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, खेल परिसरों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से हटाने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद सीएम सिटी में नगर पालिका व ग्रामीण क्षेत्र में आवारा कुत्तों व बंदरों की भरमार होने के साथ ही ये लोगों के लिए आतंक का प्रयाय बन चुके हैं।
कुत्ते के काटने के मामलों में ज्यादातर बच्चे व महिलाएं : डॉ. कृष्णकांत
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाडवा के एसएमओ डॉ. कृष्णकांत से बातचीत की गई तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में आवारा कुत्तों के काटने के हर महीने 30 से 35 मामले सामने आ रहे हैं जिसमें ज्यादातर बच्चे व महिलाएं शामिल हैं। जानकारी के अभाव व अन्य कारणों से कुछ लोग अस्पताल नहीं पहुंच पाते। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कुत्ते के काटने पर घबराने की जरूरत नहीं है। जख्म पर पट्टी न बांधे और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
कुत्तों को पकड़े जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी : नीरज
नगर पालिका सचिव नीरज का कहना है कि बंदर पकड़ने का टेंडर पूरा हो चुका है। अगले सप्ताह किसी भी दिन बंदर पकड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा। आवारा कुत्तों को पकड़ने के टेंडर का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही नगर पालिका परिसर में जल्द ही डॉग शेल्टर बनाया जाएगा और शहर से आवारा कुत्तों को पकड़ कर कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद पशु आश्रय गृहों में स्थानांतरित किया जाएगा।
लाडवा। आवारा कुत्ते के काटने से घायल बच्ची।- फोटो : मां फातिमा के साथ बिलखती रूबीना।