रजिस्ट्रार सहकारी समिति ने दी कुरुक्षेत्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन को निलंबित कर दिया गया है। उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां ने उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। चेयरमैन के खिलाफ बैंक के कुछ निदेशकों ने सीएम विंडो में शिकायत देकर उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरोपों की जांच के बाद उप रजिस्ट्रार सहकारी समिति की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
महाप्रबंधक ने बताया कि उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियों ने चेयरमैन सुभाष चंद रामगढ़ रोड को हरियाणा सहकारी समितियां एक्ट की धारा 35 (2) के तहत तत्काल रूप से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। उप रजिस्ट्रार कार्यालय के पत्र क्रमांक 2304-05 दिनंाक 2 सितंबर 2016 को जारी निलंबन आदेशों की प्रति बैंक को प्राप्त हो गई है।
दी कुरुक्षेत्रा केंद्रीय सहकारी बैंक की महाप्रबंधक गुरप्रीत कौर ने बताया कि बैंक के कुछ निदेशकों ने सीएम विंडो में चेयरमैन सुभाष चंद रामगढ़ रोड के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में चेयरमैन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने नियमों की उल्लंघन करके गांव रामगढ़ रोड में अपनी निजी संपत्ति में बैंक की शाखा खोली हुई है। इस शाखा के किराये का इकरारनामा भी चेयरमैन ने स्वयं किया गया है। चेयरमैन पर आरोप था कि उन्होंने पिहोवा स्थित अपने मकान पर दो बार ऋण लेकर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। इस मकान पर चेयरमैन व उनके पुत्र ने ऋण लिया था।
जिसमें से एक ऋण की राशि बैंक में जमा करवा दी है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा चेयरमैन पर आरोप था कि उनके द्वारा रामगढ़ रोड शाखा से बांटे गए 13 करोड़ रुपये के ऋण अतिदेय होने के कारण बैंक शाखा का एनपीए बढ़ता जा रहा है। इसके अतिरिक्त चेयरमैन पर भी अन्य आरोप लगाए गए थे। महाप्रबंधक ने बताया कि सीएम विंडो में दी गई शिकायत की जांच उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां अनिल गौड़ को सौंपी गई थी। उप रजिस्ट्रार ने चेयरमैन पर लगे आरोपों की जांच सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के माध्यम से निरीक्षक से करवाई। उन्होंने बताया कि सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां द्वारा उप रजिस्ट्रार को सौंपी गई जांच में चेयरमैन को हरियाणा सहकारी समितियां रूलस 1989 की धारा 27 का दोषी पाया गया था। इसके तहत चेयरमैन सीधे रूप से बैंक से कोई लाभ नही ले सकता।
उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां अनिल गौड़ ने जांच के आधार पर पाई गई कमियों के मध्यनजर उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है। चेयरमैन सुभाष चंद रामगढ़ रोड ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। अभी प्रबंधन की ओर से उन्हें ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।