कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में एक दिन की राहत के बाद बीते एक सप्ताह से कोहरा और शीतलहर से तापमान गिर रहा है। शुक्रवार सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरा छाने से अनेक क्षेत्रों में सुबह आठ बजे तक शून्य दृश्यता बनी रही। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
सुबह के समय हाईवे से लेकर शहर की अंदरूनी सड़कों तक कोहरे की मोटी चादर बिछी रही। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे के बाद कुछ देर के लिए धूप निकली। लगभग दो घंटे तक हल्की धूप निकलने के बाद फिर से ठंड का असर महसूस किया जाने लगा।
पांच डिग्री तक पहुंचा न्यूनतम तापमान : शीतलहर चलने से न्यूनतम तापमान गिरकर पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान 16 डिग्री तक लुढ़क गया। पांच किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से शीतलहर चली। ठंडी हवाओं के चलते जनजीवन पूरी तरह से कंपकंपा उठा। सुबह-शाम लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, वहीं चौक-चौराहों पर अलाव जलाकर लोग ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या : ठंड और कोहरे का सीधा असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। अकेले जिला नागरिक अस्पताल में ही 1500 से 1600 लोग रोजाना दवा लेने पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, खांसी, बुखार, सांस संबंधी परेशानी और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीज हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सब्जी उत्पादन होने लगा प्रभावित : सब्जी विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह के मुताबिक मौसम की मार से सब्जी उत्पादन और आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है। कोहरे और अत्यधिक ठंड के कारण खेतों में सब्जियां खराब होने लगी हैं। स्थानीय सब्जी व्यापारियों के अनुसार पत्तागोभी, फूलगोभी, पालक और टमाटर जैसी सब्जियों पर ज्यादा असर पड़ा है। इससे आने वाले दिनों में कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
धुंध में न हो हादसा, लगाई सफेद पट्टी : धुंध के मौसम को देखते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने शुक्रवार को किरमिच रोड पर सड़क सुरक्षा के लिए सफेद पट्टी लगाई। कोहरे के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को मार्ग पहचानने में परेशानी होती है। सफेद पट्टी लगाए जाने से सड़क की दिशा स्पष्ट रहेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। विभाग ने अन्य प्रमुख सड़कों पर भी इसी तरह की व्यवस्था करने की योजना बनाई है।