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डेंगू से राहत नहीं, स्वाइन फ्लू के रोकथाम की तैयारियों का दावा

Wed, 04 Nov 2015 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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स्वास्थ्य विभाग अभी तक डेंगू पर नियंत्रण नहीं पा सका है और स्वाइन फ्लू कीक आशंका सामने आ गई है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू दस्त दे चुका है।
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स्वाइन फ्लू से एक मौत भी हो चुकी है। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं और इसके लिए दवाएं भी मंगवाई जा चुकी हैं।


हालांकि, दावों की हकीकत आने वाला समय ही बताएगा। स्वाइन फ्लू पिछले वर्ष भी जिले के स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बन चुका है। दूसरी तरफ जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 189 पर पहुंच गई है।
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आइसोलेशन वार्ड को लेकर संशय
एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आईसोलेशन वार्ड बनाने की है। यहां जगह की कमी के कारण वैसे ही मारामारी रहती है।

यही कारण है कि सिविल अस्पताल में एक ही कमरे को बीमारी के हिसाब से बदलकर स्पेशल वार्ड का रूप दे दिया जाता है। डेंगू के सीजन में इस एक कमरे को डेंगू वार्ड, तो स्वाइन फ्लू फैलने पर आइसोलेशन वार्ड बना दिया जाता है।

इस बार परेशानी ये है कि अस्पताल में अभी तक डेंगू मरीज आ रहे हैं। ऐसे में यदि कोई स्वाइन फ्लू का केस सामने आता है, तो उसे कहां पर रखा जाएगा। बता दें कि 100 बेड के सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ही 195 बेड लगाए जा रहे हैं। मरीजों की ओपीडी भी प्रतिदिन 1800 से 2000 तक पहुंच रही है।  

पिछले सीजन में आए थे 14 केस
पिछले सीजन में भी स्वाइन फ्लू स्वास्थ्य विभाग की हालत खराब कर चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू के 14 पॉजीटिव केस सामने आए थे।

शुरू कर दिया है जागरूक करना
नोडल अधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि 15 दिन पहले से ही लोगों को स्वाइन फ्लू के बारे जागरूक करना शुरू कर दिया गया है। विभाग के कर्मचारी और अधिकारी लोगों को डेंगू के साथ ही स्वाइन फ्लू के बारे में भी बता रहे हैं।

स्वाइन फ्लू के लक्षण
- बुखार आना
- नाक बहना
- गले में दर्द होना

स्वाइन फ्लू से बचाव
- भीड़ वाले इलाके में न जाएं
- यदि जाना पड़े तो नाक को ढंक कर जाए
- भीड़ वाले इलाके में न थूकें
- किसी से हाथ न मिलाएं
- खांसते, छींकते समय नाक और मुंह पर रुमाल या हाथ रखें
- यदि किसी भी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

डेंगू के आ चुके हैं 189 केस
जिले में पिछले महीनों में डेंगू पॉजीटिव केस 189 मिल चुके है और डेंगू के पीड़ित एक किशोर की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत भी हो चुकी है। वहीं जिले में मलेरिया के केस बढकर 200 तक पहुंच चुके है। इतना ही नहीं जिले में जापानी बुखार के 2 केस पॉजीटिव मिले थे जिन्हें बचाया नहीं जा सका।
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पिछले वर्षों में डेंगू के मरीज
वर्ष     संख्या    मौत
2007    4    02                
2008    32    01
2009    00    00
2010    03    00
2011    00    00
2012    02    00
2013    47    00
2014    06    00
2015    189    01


पिछले वर्षों में मलेरिया के मरीज
वर्ष    संख्या
2007    77
2008    218
2009    133
2010    264
2011    529
2012    765
2013    343
2014    138
2015    200


जापानी बुखार के पिछले वर्षों के आंकड़े
वर्ष    संख्या
2007    13
2008    00
2009    00
2010    01
2011    00
2012    03
2013    01
2014    00
2015    02


स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम लिए तैयारी कर ली है। विभाग पिछले 15 दिनों से स्वाइन फ्लू के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग की ओर से सात लोगों की टीम भी गठित कर दी गई है। आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया जा रहा है।
डॉ. केके शर्मा, नोडल अधिकारी, स्वाइन फ्लू, जिला स्वास्थ्य विभाग, कुरुक्षेत्र
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