कुरुक्षेत्र। कबाड़ में पड़ी प्लास्टिक की टूटी बाल्टी में लारवा व मच्छर की जांच करता कर्मी। संव
कुरुक्षेत्र। जिले में डेंगू का डंक थम नहीं रहा है। डेंगू के साथ वायरल बुखार मुश्किलें बढ़ाने का काम रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि विभाग डेंगू पर लगाम लगाने का दावा कर रहा है। डेंगू के अधिकतर मामले शहर से मिल रहे हैं। इसलिए विभाग का फोकस शहरी क्षेत्र पर है। विभाग की टीम ने शहर में सेक्टर-पांच देवीदासपुरा, आकाश नगर, गोबिंदनगर और लाडवा में जांच अभियान चलाया। अभियान के तहत टीम ने 94 डेंगू संदिग्ध व बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त के सैंपल जांचे, जिसमें आठ लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव पाई गई। अब तक जिले में डेंगू के 140 मामले सामने आ चुके हैं। विभाग के मुताबिक किसी डेंगू पॉजिटिव व संदिग्ध की मौत नहीं हुई है।
उधर, डेंगू का मामला मिलने पर विभाग उस जगह पर फॉगिंग करवा रहा है। विभाग का फोकस तंग गली, मोहल्ले, कॉलोनी और बस्ती वाली जगहों पर है, क्योंकि इन जगहों पर मच्छरों का घनत्व ज्यादा है। इन जगह पर अन्य की तुलना में विभाग को डेंगू के मामले भी ज्यादा मिल रहे हैं। इन जगह पर विभाग की एक से ज्यादा टीमें जांच और रक्त पट्टिकाएं बना रही हैं। लारवा को नष्ट करने के लिए दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है।
3,524 जगहों से मिला लारवा
विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक टीमें 11,91,096 घर और पानी के जमा होने के 40,58,271 स्रोत में डेंगू के लारवा की जांच कर चुकी हैं, जिसमें घर व स्त्रोत दोनों जगह से डेंगू का 3,524 जगह से लारवा बरामद हुआ। दोबारा लारवा मिलने पर विभाग ने 1,013 लोगों को नोटिस थमाया है। अब तक टीमें 1,625 डेंगू संदिग्धों की जांच कर चुकी है।
112 मरीज हो चुके ठीक : डॉ. प्रदीप कुमार
जिला मलेरिया एवं सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि डेंगू के 140 मामले में से 112 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। इसमें 20 मरीजों को अस्पताल तो अन्य आठ को घर पर उपचार दिया जा रहा है। डेंगू की स्थिति हमारे नियंत्रण में है। पिछले साल अक्तूबर तक 190 से ज्यादा मामले सामने आ चुके थे।