कुरुक्षेत्र। जिले में डेंगू का प्रकोप रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रहा है। जिले में पिछले साल डेंगू के कुल 263 मामलों की पुष्टि हुई थी, जबकि इस बार आंकड़ा नवंबर की शुरुआत तक 186 पर पहुंच चुका है। चिंता की बात यह है कि डेंगू के इन 186 मामलों में से 161 मामले पिछले माह अक्तूबर में दर्ज हुए, जबकि नवंबर में डेंगू अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है।
उधर, स्वास्थ्य विभाग तर्क दे रहा है कि पिछले साल आई बाढ़ की वजह से डेंगू के रिकॉर्ड तोड़ 263 मामले दर्ज हुए थे। कहीं इस बार डेंगू का प्रकोप बेकाबू न हो जाए, इसके लिए विभाग ने जनवरी में ही जांच अभियान शुरू कर दिया था। इस अभियान से लोगों को डेंगू से राहत मिली। जिले में 30 सितंबर तक 515 डेंगू संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए गए थे जिसमें मात्र 25 लोग ही डेंगू पॉजिटिव पाए। इसमें भी तीन मामले बाहरी जिले में उजागर हुए थे, मगर अक्तूबर में डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल गया।
पिछले महीने अक्तूबर में डेंगू के करीब 161 मामले उजागर हुए। इसमें भी 21 अक्तूबर से दो नवंबर तक 13 दिन में 90 मामलों की पुष्टि हो गई। इसके अलावा इन दिनों में तीन डेंगू संदिग्धों की मौत भी हुई। तीनों मरीजों को प्लेटलेट्स और बुखार न टूटने के कारण निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास इन तीनों का डेंगू की जांच का सैंपल अस्पतालों की ओर से भेजा नहीं गया था। विभाग अपने स्तर पर इनकी जांच में लगा हुआ है।
1924 संदिग्धों की हुई जांच
जिले में कुल 1924 डेंगू संदिग्ध लोगों की जांच हो चुकी है। शनिवार को 98 संदिग्धों के सैंपल लिए गए, जिसमें 15 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। विभाग की 125 टीमें 12,54,541 घर और 41,75,550 पानी जमा होने के विभिन्न स्त्रोतों की जांच कर चुकी हैं। इसमें 3,662 जगहों से टीम को डेंगू का लारवा बरामद हुआ। विभाग ने दूसरी बार लारवा मिलने पर 1,044 घरों के मुखियाओं को नोटिस दिया।
विभाग की हर स्थिति पर नजर : डॉ. प्रदीप कुमार
जिला मलेरिया एवं सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि विभाग हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग की टीमें लगातार जांच और जागरूक अभियान चला रही हैं। जिले में 186 मामलों की पुष्टि हुई है, जिसमें से 150 लोग रिकवर हो चुके हैं। जिले में डेंगू से किसी मौत की पुष्टि नहीं है।
किस साल में कितने मामले
साल मामले
2017126
201818
2019-20000
2021129
2022104
2023263