कुरुक्षेत्र। जिले में डेंगू के मामले नहीं थम रहे हैं। साल 2019 व 20 में जहां डेंगू का कोई मामला नहीं था, वहीं पिछले साल डेंगू के रिकॉर्ड 263 मामले दर्ज हुए थे। इस साल भी आंकड़ा 252 तक पहुंच चुका है। विभाग के मुताबिक साल 2019 में डेंगू का कोई भी मामला सामने नहीं था। इसके पिछले साल भी मात्र 18 ही मामलों की पुष्टि हुई थी। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान भी कोई पॉजिटिव मरीज नहीं मिला था। हालांकि साल 2017 में डेंगू के 127 मामले मिले थे, जबकि बीच के तीन साल में कोई मामला नहीं मिलने के बाद साल 2021 में 129 मामलों की पुष्टि हुई थी। इसके अगले ही साल डेंगू के 108 मामले जरूर मिले थे, मगर साल 2023 डेंगू के नाम रहा।
डेंगू के 263 रिकॉर्ड मामले के पीछे विभाग ने बाढ़ को जिम्मेदार ठहराया था। इसलिए विभाग ने इस साल पहली जनवरी से अभियान की शुरुआत कर दी थी। अब भी विभाग डेंगू के मामले मिलने तक अभियान जारी रखने का दावा कर रहा है। विभाग का यह भी दावा है कि इन सालों में किसी भी डेंगू से पॉजिटिव मरीज की मौत नहीं हुई है, मगर हर साल डेंगू संदिग्धों की मौत के कई मामले उजागर होते हैं। इस साल भी एक किशोर समेत पांच लोगों की मौत हुई है। यह सब लोग डेंगू संदिग्ध थे, जबकि विभाग का मानना है कि उनका एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ था और इनका सैंपल भी विभाग के पास नहीं भेजा गया।
अब तक 2,996 डेंगू संदिग्धों की हुई जांच
उधर, बुधवार को टीम ने अभियान के तहत डेंगू संदिग्ध 29 और लोगों के सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेजे। साथ ही एक दिन पहले लिए गए डेंगू संदिग्ध 39 लोगों के सैंपल की जांच में एक मरीज डेंगू पॉजिटिव मिला। अब तक विभाग कुल 2,996 डेंगू संदिग्धों के सैंपल ले चुका है। साथ ही टीम ने कुल 14,07,865 घर और 50,67,755 कंटेनर की जांच कर 4,192 जगह से लारवा को नष्ट किया। दूसरी बार लारवा मिलने पर 1,291 लोगों को नोटिस दिया गया।
कोरोना महामारी में प्रदूषण स्तर हो गया था कम : डॉ. प्रदीप कुमार
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान प्रदूषण कम हो गया था। लोगों की इम्यूनिटी भी सही हो गई थी। डेंगू के मामले मिलने तक अभियान जारी रहेगा। डेंगू के 252 में से 248 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अभी सिर्फ चार मामले सक्रिय है।