जिले में डेंगू के आंकड़ों ने पिछले सात वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सात वर्ष पहले मरीजों की संख्या 100 पार कर 105 पर थम गई थी।
लेकिन, इस बार यह आंकड़ा सात वर्ष के रिकॉर्ड तोड़ते हुए 112 तक पहुंच गया है। यह आंकड़े तब सामने आए हैं, जब स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने पिछले दिनों दावा किया था कि मौसम परिवर्तन के साथ ही डेंगू पॉजीटिव मरीजों की संख्या बहुत कमी आई है।
डेंगू से जिले में एक जान भी जा चुकी है। विभाग के इन दावों की हकीकत चार-पांच दिन बाद ही सामने आ गई है। डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा था कि डेंगू पर काबू पा लिया गया है, लेकिन डेंगू के मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हालात पर नियंत्रण पाने के स्थान पर लीपापोती में लगे हुए हैं। जिले में चार दिन पूर्व डेंगू मरीजों की संख्या महज 68 थी।
अब यह संख्या 112 तक पहुंच गई है। इसमें से सबसे अधिक मरीज लाडवा क्षेत्र के हैं। इसके बाद मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या थानेसर शहर से है। इतना ही नहीं डेंगू के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डेंगू के करीब 365 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सेंपल अभी टेस्ट के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
मरीज बोले, डॉक्टर आते हैं कम ही ...
ज्योतिसर निवासी सरोजनी देवी ने बताया कि कई दिनों से अस्पताल के डेंगू वार्ड में दाखिल हूं। वार्ड में शुक्रवार शाम को डॉक्टर आए थे।
उसके बाद वार्ड में डॉक्टर नहीं आए। नर्स ही दवाई देकर जा रही हैं।
लाडवा निवासी सोनू ने बताया कि उनकी मां को डेंगू हुआ है। उन्हें शुक्रवार सुबह अस्पताल में दाखिल करवाया था। शुक्रवार शाम को डॉक्टरों ने उनकी मां को चेक किया था। उसके बाद कोई डॉक्टर नहीं आया।
पिहोवा में डेंगू से लोगों की हालत बिगड़ी
पिहोवा। डेंगू के स्थानीय मरीज पिहोवा, कुरुक्षेत्र और चंडीगढ़ में इलाज करा रहे हैं। हीरालाल, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, प्रेम चंद, अमर सिंह आदि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने या उसके इलाज के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए हैं।
यही कारण है कि क्षेत्र में डेंगू के केस हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दिखावे के लिए एक बार फॉगिंग कराई है। कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल में उपचाराधीन पूजा कॉलोनी निवासी संचित शर्मा, वेद प्रकाश, कृष्ण ने बताया कि पिहोवा के 25 से 30 मरीज कुरुक्षेत्र के निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं।
डेंगू का इलाज बहुत महंगा है। हर मरीज पर लगभग 15 से 20 हजार रुपये का खर्चा आ रहा है।
उपमंडल पर नहीं है उपचार की सुविधा
उपमंडल स्तर पर स्थित सरकारी अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए कोई भी सुविधा नहीं है, जिस कारण इन्हें दूसरे शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
शहर में सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। विशेषकर नंद कालोनी, पूजा कालोनी तथा सैनी मौहल्ला सहित अन्य जगहों पर गंदा पानी नालियों में खड़ा रहता है, जिनमें मच्छर पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्यक्त करते हुए लोगों का कहना है कि इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं, जिससे डेंगू पर काबू पाया जा सके।
डेंगू बुखार को जांचने के लिए प्राइवेट लैब में टेस्ट बहुत महंगे पड़ते हैं। गरीब मरीजों को देखते हुए सभी टेस्ट सरकार द्वारा मुफ्त करने के प्रबंध करने चाहिए।
जिले में डेंगू के केस कहां-कितने मिले
ब्लाक संख्या
लाडवा 42
थानेसर 35
पिहोवा 19
मथाना 12
शाहाबाद 03
झांसा 01
पिछले वर्षों के आंकड़े
वर्ष संख्या
2008 105
2009 00
2010 00
2011 00
2012 02
2013 45
2014 06
2015 112
जिले में 112 केस डेंगू के पॉजीटिव मिले है। इन केसों में पिछले सप्ताह एक किशोर की मौत चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग आदि कर रही हैं। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
डॉ. एसएस नैन, सिविल सर्जन, कुरुक्षेत्र।