कुरुक्षेत्र में किसानों का प्रदर्शन
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ऐसे में किसानों को रोकने के पुलिस के सभी प्रबंध धरे के धरे रह गए। पुलिस किसानों की रणनीति समझ नहीं पाई। हालांकि डीएसपी रणधीर सिंह स्वयं आंदोलनकारी किसानों के पीछे भागते नजर आए लेकिन उससे पहले किसान अपने मिशन में कामयाब हो गये थे।
प्रशासन को दिया गया था 12 बजे तक का अल्टीमेटम
बराड़ा रोड पर शहीद ऊधम सिंह हाल में किसानों की महापंचायत सुबह दस बजे शुरू हुई और गुरनाम चढूनी ने प्रशासन को 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था कि अगर सरकार की तरफ से कोई साकारात्मक संदेश है तो उसे किसानों तक पहुंचाया जाए। इसी बीच गुरनाम सिंह चढूनी ने एसडीएम कपिल शर्मा व डीएसपी रणधीर सिंह के साथ बैठक भी की, लेकिन वो बेनतीजा रही। लेकिन उसके बाद करीब 12.15 बजे डीसी व एसपी किसानों के बीच पहुंचे, लेकिन जब यह दोनों अधिकारी भी किसानों को आश्वस्त नहीं कर पाए तो गुरनाम सिंह चढूनी ने सड़क जाम करने की घोषणा कर दी और किसान उसी समय हाईवे के लिए कूच कर गए।
एमएसपी पर खरीद शुरू होने पर ही हटेंगे : चढूनी
थाना शाहाबाद के सामने नेशनल हाईवे पर किसानों के बीच बैठे गुरनाम सिंह चढूनी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 10 मई से मंडियों में सूरजमुखी की आवक शुरू हो गई थी। किसान पंखा आदि लगवाने के बाद फसल वापस ले जाने को मजबूर हैं जिससे व्यर्थ का आर्थिक बोझ किसानों पर पड़ रहा है।
चढूनी ने कहा कि 30 मई को भावांतर योजना के तहत फसल की खरीद का पत्र सरकार की तरफ से जारी हुआ था, जो किसी भी किसान को मंजूर नहीं है और अब भी किसानों की एक ही मांग है कि उनकी फसल को एमएसपी पर खरीदा जाए। जब तक सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं करती तो तब तक किसान सड़क नहीं छोड़ेंगे बेशक पुलिस जो चाहे कार्रवाई करे। जबरन उठाया तो पूरे प्रदेश को बंद कर दिया जाएगा। दो जून को चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री सहित पांच प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किसान यूनियन के सात सदस्यों की बैठक बेनतीजा रही थी और भाकियू ने पांच जून तक का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया था।
हाईवे पर ही लंगर सेवा
नेशनल हाईवे पर ही डेरा कार सेवा शाहाबाद द्वारा किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। दोपहर से सायं तक सड़क पर ही लेट कर विश्राम किया। दूसरी ओर हजारों की गिनती में पुलिस जवानों ने थाना परिसर में दोपहर का खाना खाया है और पुन: अपनी डयूटी पर डट गये। वहीं गुप्तचर विभाग भी सक्रिय रहा ।
नौ डयूटी मेजिस्ट्रेट रहे तैनात, 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी
किसानों को सड़क पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से नौ डयूटी मैजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे तो वहीं 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके बावजूद किसान हाईवे पर जाम लगाने में सफल रहे।
किसान आन्दोलन के चलते रूट किया था डायवर्ट
दिल्ली- करनाल की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए मार्ग
चंडीगढ़-अंबाला की तरफ जाने वाहनों के लिए सेक्टर 2/3 कट से ब्रह्मसरोवर, तृतीय गेट केयूके ढांड रोड से नेशनल हाईवे 152 डी रहेगा।
यमुनानगर की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए पिपली चौंक पुल के नीचे से वाया लाडवा-यमुनानगर रहेगा।
चण्डीगड़-अंबाला की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए डायवर्ट मार्ग
करनाल-दिल्ली-यमुनानगर जाने वाले वाहनों के लिए अमन होटल वाला पुल जीटी रोड पर ना चढ़कर पुल के नीचे से साहा कट से वाया दौसडका, अधौया, बाबैन से होते हुए लाडवा पहुंचकर यमुनानगर व करनाल-दिल्ली रहेगा।
कैथल-हिसार-कुरूक्षेत्र जाने वाले वाहनों के लिए साहा पुल के नीचे से जलेबी पुल से होते हुए वाया ठोल, 152 डी रहेगा।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मनोहर लाल
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कुरुक्षेत्र में किसानों पर लाठीचार्ज निदंनीय है। क्या एमएसपी की मांग करना गुनाह है? 6400 रुपये एमएसपी की फसल 4 हजार से 5 हजार रुपये में बेचने को मजबूर हैं किसान। गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा किया जाए और एमएसपी पर सूरजमुखी की खरीद शुरू की जाए। -भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री।
सूरजमुखी की खरीद के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। किसानों का किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार किसानों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। -मनोहर लाल, मुख्ममंत्री, हरियाणा