संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी सड़क पर उतर आए और जमकर रोष प्रदर्शन किया। जिला सचिवालय पर पहुंचे कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन के तहत कईं घंटे तक धरना दिया। इस दौरान कर्मचारी गिरफ्तारी देने को लेकर अड़े रहे तो वहीं सीटीएम आशीष कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के साथ जन संघर्ष मंच हरियाणा ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मंच की कुरुक्षेत्र जिला इकाई के कार्यकर्ताओं और प्रांतीय कमेटी के नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर मजदूर-कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और गिरफ्तारियां दीं। धरने को संबोधित करते हुए जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि हरियाणा और केंद्र सरकार मजदूरों, कर्मचारियों और स्कीम वर्करों की मांगों पर समझौते करने के बावजूद उन्हें लागू नहीं कर रही है। इससे मेहनतकश वर्ग को अपनी मांगों को लेकर बार-बार धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सर्व कर्मचारी संघ के नेता ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि चार श्रम संहिताओं को लागू कर केंद्र सरकार ने मजदूरों के हितों को कमजोर किया है। उन्होंने निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सीटू के अनिल कुमार, आशा वर्कर रानी, मंजीत कौर, नगरपालिका सफाई कर्मचारी यूनियन के सुनील लोहट, भारतीय किसान यूनियन से रामधारी, केकेएमएस से राजकुमार सहित फायर, बिजली और शिक्षा विभागों से जुड़े नेताओं ने भी संबोधित किया।
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ये रखीं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, स्कीम वर्करों और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक लगाने, निर्माण मजदूरों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने तथा मनरेगा कानून बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिदिन करने की मांग भी उठाई गई।