शाहाबाद। बैठक के लिए जुटे हरियाणा सिख पंथक दल के सदस्य। विज्ञप्ति
शाहाबाद। हरियाणा सिख पंथक दल के प्रवक्ता जगदेव सिंह गाबा, समाजसेवी हरविंदर सिंह बिंद्रा और हरजीत सिंह राणा ने संयुक्त रूप से कहा कि हरियाणा में पंजाबी भाषा को पूर्ण रूप से दूसरी भाषा का दर्जा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि सरकार ने लगभग 20-25 वर्ष पूर्व हरियाणा में पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा दे दिया था लेकिन यह अभी तक व्यवहार में पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है।
गाबा ने हरियाणा सरकार से अपील की कि सरकारी व निजी स्कूलों में पंजाबी अध्यापकों की नियुक्ति की जाए और सभी विभागों में पंजाबी ट्रांसलेटर व टाइपिस्ट की भरती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में पंजाबी पढ़ने वाले छात्र तो हैं लेकिन अध्यापकों की कमी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। मनजीत सिंह खालसा और सुरजीत सिंह जुनेजा ने यह भी मांग की कि हरियाणा में अल्पसंख्यक आयोग के गठन की भी मांग की गई। सभी सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि सिख समाज को अपनी धर्मशाला एवं सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए सरकारी स्थान उपलब्ध करवाए जाएं।