कुरुक्षेत्र। बच्चों से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ बिना देरी किए योग्य पात्रों को मिलना चाहिए। जिले में जो भी प्राइवेट प्ले स्कूल, बाल भवन या अन्य बच्चों से संबंधित कोई संस्थान चला रहे हैं तो उनका सभी प्रकार का ऑनलाइन डाटा, अनुमति व नियमानुसार व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए। यदि कहीं पर कोई कमी मिलती है तो उस पर कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके साथ ही संबंधित विभाग ऐसे संस्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने ये निर्देश दिए। वे जिला सचिवालय में मिशन वात्सल्य स्कीम के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। महिला एवं बाल विकास कुरुक्षेत्र की जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चल रही स्कीम मिशन वात्सल्य बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत संरक्षण के जरूरतमंद 78 बच्चों चिन्हित किया गया है। इसी तरह पॉक्सो योजना में कुल 45 सामने आए हैं। इनमें से 19 केसों को स्पेशल रिलीफ फंड प्रदान किया जा चुका है।
जिले में दो बाल देखरेख संस्थान जेजे एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड और कार्यरत हैं। इनमें रह रहे बच्चों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं, मेडिकल, शिक्षा व संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गत जनवरी से सितंबर तक बाल कल्याण समिति के समक्ष 16 केस आए। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत तीन बच्चों को लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जिले में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों को सरल पोर्टल पर रजिस्टर्ड करते हुए आगामी आवश्यक कार्यवाही करने बारे आदेश दिए गए।