कुरुक्षेत्र। कुवि थर्ड गेट पर आक्रोष प्रदर्शन करते दासफी संगठन सदस्य। स्वयं
कुरुक्षेत्र। डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट्स फ्रंट ऑफ इंडिया (दासफी) ने सोमवार को आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के विरोध में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने इसे संस्थागत हत्या करार देते हुए सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
रोष मार्च विश्वविद्यालय के रोज गार्डन से शुरू होकर थर्ड गेट, डॉ. आंबेडकर प्रतिमा और यूनिवर्सिटी मार्केट से होते हुए कुलपति कार्यालय तक पहुंचा। छात्रों ने न्याय दो-संविधान बचाओ और वाई पूरण कुमार को न्याय दो जैसे नारे लगाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के बाद दासफी प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय कुलपति के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वाई पूरण कुमार की मृत्यु साधारण आत्महत्या नहीं बल्कि जातिगत उत्पीड़न और संस्थागत भेदभाव का परिणाम है। संगठन ने इसे सांविधानिक नैतिकता की पराजय बताया। मुख्य मांगों में स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग का गठन, दोषियों के विरुद्ध एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करना, प्रदेश सरकार की जवाबदेही तय करना और केंद्र सरकार से जातिगत भेदभाव रोकने के लिए राष्ट्रीय निगरानी समिति बनाने की मांग शामिल है।
दासफी अध्यक्ष सिमरन मुंडे ने कहा कि यह केवल एक अधिकारी की नहीं बल्कि संविधान और समानता की आत्मा की हत्या है। जब तक दोषियों को न्यायिक सजा नहीं मिलती आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर मृतक अधिकारी को न्याय दिलाने और दलित अधिकारियों के विश्वास को पुनः स्थापित करने की अपील की। इस मौके पर गौरव मेहरा, सागर, साहिल सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।