लगातार हो रही बारिश से मारकंडा नदी व सरस्वती ड्रेन में जलस्तर बढ़ गया है। आने वाले दिनों में अगर बारिश होती रही तो आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। वीरवार सुबह 8 बजे तक थानेसर में 35 एमएम, लाडवा में 18 एमएम, इस्माईलाबाद में 45 एमएम व बाबैन क्षेत्र में 22 एमएम बारिश हुई है। पिहोवा और शाहाबाद में सबसे ज्यादा 51-51 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिहोवा में बारिश के कारण बाबा श्रवण नाथ स्कूल के पास एक मकान की छत का हिस्सा गिर गया है। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य बाहर थे।
ईश्वर वासी वार्ड-11 ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करता है। वीरवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे घर के सभी सदस्य बाहर बैठे हुए थे। तभी अचानक उसके मकान की छत का हिस्सा नीचे गिर गया। जर्जर होने के कारण अब परिजनों को पूरा मकान गिरने का डर सता रहा है। उन्होंने खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह से मदद की गुहार लगाई है। उधर, थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने शहर में बरसाती पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के लिए लोगों और अधिकारियों के साथ चर्चा करके एक खाका तैयार किया है। इस योजना के अनुसार संबंधित विभाग के अधिकारी विभागीय स्तर कॉलोनी, बाजार और हुडा के सेक्टरों से पानी निकासी के लिए तकनीकी रूप से अवलोकन करेंगे ताकि भविष्य में समस्या न आए।
उन्होंने रेलवे रोड पर पानी की निकासी के लिए सड़क के दोनों तरफ बने नालों को 100-100 फीट पर प्री-कास्ट स्लैब डालने के निर्देश दिए हैं ताकि नाले की सफाई कार्य आसान हो। उन्होंने बिरला मंदिर और जाट धर्मशाला के आसपास पानी निकासी के लिए केडीबी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ब्रह्मसरोवर के आसपास से आने वाले बरसाती पानी को बिरला मंदिर से पहले डायवर्ट किया जाए ताकि इस क्षेत्र में पानी की समस्या न हो। एकता विहार, गीता व विष्णु कॉलोनी में निचला क्षेत्र होने के कारण नप इन कॉलोनियों और आसपास के क्षेत्रों का तकनीकी रूप से सर्वे करे। इसके बाद अगर बरसाती पानी की निकासी अमरूत नाले के माध्यम संभव हो तो इसका प्रोजेक्ट तैयार किया जाए। विधायक ने जोगी मोहल्ला और पैनरोमा के आसपास के क्षेत्र से पानी निकासी के लिए प्रबंध करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सड़क के बीच से पानी निकासी के लिए पाइप डाली जाए। इस कार्य के शुरू और पूरा होने से पहले अस्थायी रूप से पंप लगाये जाएं ताकि बरसात का पानी निकल सके। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को सुचारू रूप से चलाने तथा शहर में अगर सीवरेज की ब्लॉकेज आती है तो उस तुरंत खोलने के निर्देश दिए हैं। वहीं हुडा विभाग के अधिकारी भी अपने अधीनस्थ एसटीपी को सुचारू रूप से चलाने तथा जेनसेट की व्यवस्था करके निकासी का प्रबंध करें।