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स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी ने उठाकर निर्माणाधीन एसडीएच में लगाए बेड

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सुनील धीमान
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कुरुक्षेत्र। पिहोवा का निर्माणाधीन सब डिविजनल अस्पताल (एसडीएच) चर्चा का विषय बना हुआ है। एसडीएच को मई के अंत में शुरू करने के जोर-शोर के साथ दावे किए गए थे, लेकिन अभी उसे पूर्ण होने में छह महीने का समय लगेगा। वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपनी साख बचाने के लिए आनन-फानन में अस्पताल में कोविड केयर सेंटर स्थापित करके पांच स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति कर दी। इसके लिए विभाग ने सीएचसी पिहोवा से 20 बेड उठाकर निर्माणाधीन अस्पताल में रख दिए हैं। जिससे सीएचसी में बेड की कमी के चलते अब मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस निर्माणाधीन सब डिविजनल अस्पताल में अभी बिजली व पानी के कनेक्शन भी नहीं हैं। अस्पताल में फर्नीचर सहित अन्य कार्य होना बाकी है। विदित हो कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले दिनों खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कोविड सेंटर बनाने के आदेश दिए थे। जिला स्वास्थ्य विभाग ने महज दिखावे के लिए अस्पताल में कोविड सेंटर सेंटर स्थापित किया है। सेंटर स्थापित होने के कई दिन तक भी कोई संक्रमित या आशंकित मरीज को आइसोलेट नहीं किया गया है। हालांकि जिले में अब नए कोरोना केस 10 से भी कम आ रहे है। वहीं पिहोवा में तीन दिन से कोई केस सामने नहीं आया है और पिहोवा में एक्टिव केस भी मात्र 10 ही हैं। कोरोना सेंटर स्थापित करने के बाद कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। इसके अलावा अभी भी गांव भेरियां में कोविड केयर सेंटर चलाया जा रहा है।
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50 बेड के अस्पताल में भी काम लंबित
अरुणाय रोड पर करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड के अस्पताल का निर्माणाधीन है। इस अस्पताल को शुरू करने के लिए खेल मंत्री संदीप सिंह लोक निर्माण विभाग व स्वास्थ्य विभाग को 30 मई तक का समय दिया गया था, लेकिन अभी भी अस्पताल का काफी काम करना बाकी है। इसको पूरा करने के लिए अभी छह महीने का समय और लग सकता है। अभी अस्पताल में बिजली का कार्य पेंडिंग है। केवल कोविड केयर सेंटर में ही बिजली के कनेक्शन औपचारिक तौर पर शुरू किए गए हैं। इसके अलावा सभी जगह वायरिंग भी नहीं डाली गई। अस्पताल द्वारा बिजली कनेक्शन की फीस भरने के बावजूद भी कनेक्शन नहीं दिया गया है। इसके अलावा फर्नीचर का अधिकतर काम पेंडिंग है। कोविड सेंटर को छोड़कर पूरे अस्पताल में सफाई व्यवस्था भी शून्य ही है।
लोक निर्माण विभाग अस्पताल का निर्माण कर रहा है। विभाग द्वारा अनुमति मिलने के बाद ही अस्पताल में विधिवत काम शुरू किया जाएगा। जिन पीएचसी पर ओपीडी नहीं थी, वहां से बेड उठाकर सेंटर बनाया गया है। किसी मरीज को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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ललित कल्सन, एसएमओ, सीएचसी पिहोवा
सीएचसी पिहोवा में रोजाना 300 ओपीडी
कोविड काल से पहले सीएचसी पिहोवा में करीब 300 ओपीडी होती थी, लेकिन कोरोना के चलते सीएचसी में रोजाना करीब 50 ओपीडी हो रही हैं। इसके अलावा हर सप्ताह मंगलवार, वीरवार और हर माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। यहां हर माह 50 से ज्यादा डिलिवरी हो रही हैं। 30 बेड के सीएचसी पिहोवा से 20 बेड निर्माणाधीन अस्पताल में रखे गए हैं।
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