केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 हजार रुपये के नोट बंद करने के बाद से रविवार को भी पूरे दिन बैंकों के बाहर कतार लगी रही। लोग नोट जमा कराने और बदलने के लिए पूरे दिन डटे रहे। पिछले चार दिनों में जिले के बैंकों में करीब 900 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जबकि 60 करोड़ से ज्यादा के नोट बदले गए हैं। यह आंकड़ा पूरे जिले का हैं। फिलहाल इसी रफ्तार से नोट की चोट का यह खेल एक सप्ताह ओर जारी रहेगा। यानी चार दिन के औसत के हिसाब से अनुमानित 1575 करोड़ रुपये और बैंकों में जमा होने की उम्मीद है। रविवार को चंद घंटे के लिए खुले बैंकों में ही 208 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
लीड बैंक के डीजीएम पीएस चौहान ने बताया कि 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद से ही बैंक खातों में जमकर रुपया जमा हुआ है। उन्होंने बताया कि रविवार को कुरुक्षेत्र जिले के पीएनबी की शाखाओं में 23 करोड़ रुपये जमा हुए जबकि अन्य बैंकों में करीब 185 करोड़ रुपये जमा हुए है। यानी रविवार को चंद घंटों में ही 208 करोड़ रुपये जमा हुए। जबकि इससे पहले तीन दिनों में भी 200 से सवा दो सौ करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इस लिहाज से जिले के सभी बैंकों में तकरीबन 900 करोड़ रुपये रविवार तक जमा हो चुके हैं।
60 करोड़ से ज्यादा के बदले गए नोट
डीजीएम पीएस चौहान ने बताया कि चार दिनों में लगभग 60 करोड़ से ज्यादा के नोट बदले गए। यह तब है जब एक व्यक्ति को महज 4000 रुपये ही बदल कर दिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में आंकड़ा बढ़ेगा। चौहान ने बताया कि पीएनबी ने ही अब तक 15 करोड़ रुपये बदले हैं। जबकि अन्य बैंकों और डाक घरों से शेष राशि बदली गई है।
सभी बैंक हैं पूरी तरह से तैयार
डीजीएम पीएस चौहान ने बताया कि इस सारी स्थिति को सामान्य होने में तकरीबन एक सप्ताह का वक्त और लगेगा। इसके लिए सभी बैंक पूरी तरह से तैयार हैं। नोटों की कमी नहीं है। सिर्फ छोटे बैंकों में जल्दी कैश खत्म होने की बातें सामने आई है। पीएनबी और स्टेट बैंक जैसे बैंकों में यह स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। जिससे काम आसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग घबराए नहीं, पर्याप्त रुपये हैं। लेकिन पैनिक होने के बजाय, उतनी ही राशि निकाले जितनी जरूरत है, ताकि सभी को पैसा मिल सके।