इस्माईलाबाद। गांव झांसा में मारकंडा नदी शनिवार को भी इस तरह उफनी रही। संवाद
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। करीब 12 दिन बाद मारकंडा नदी में शुक्रवार को आए उफान से शाहाबाद क्षेत्र के गांव कठवा, मुमटी, तंगौर, कलसाना, मेघामाजरा व मलकपुर सहित आसपास के अन्य गांवों में शनिवार को खेत जलमग्न हो गए और सड़कों पर भी डेढ़ से दो फीट तक पानी बहता रहा। इसके अलावा करीब आठ हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई तो लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा।
शाहाबाद में शनिवार देर शाम करीब आठ बजे तक मारकंडा का जलस्तर 20 हजार तो झांसा में 8643 क्यूसेक तक पहुंच गया। इस दौरान प्रशासन के अधिकारी सतर्क रहे और गांव के लोग भी ठीकरी पहरा देते रहे। वहीं रात तो झांसा व जलबेहड़ा में मारकंडा का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार 18 अगस्त को मारकंडा में 28 हजार क्यूसेक जलस्तर हो गया था, जिसके चलते यह ओवरफ्लो होकर 12 गांवों तक फैल गया था। प्रशासन ने प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक उस समय करीब 13 हजार एकड़ में फसलें प्रभावित मानी थी। अभी लोग इस मार से उभरे भी नहीं थे कि शुक्रवार को फिर मारकंडा ने रौद्ररूप दिखा दिया जो शनिवार को भी जारी रहा। सुबह के समय शाहाबाद में 25 हजार क्यूसेक जलस्तर रहा जबकि शाम तक करीब पांच हजार क्येसक घटा, जिसके बावजूद ग्रामीणों की परेशानी कम नहीं हुई। संवाद
इस्माईलाबाद। गांव झांसा में मारकंडा नदी शनिवार को भी इस तरह उफनी रही। संवाद
इस्माईलाबाद। गांव झांसा में मारकंडा नदी शनिवार को भी इस तरह उफनी रही। संवाद
इस्माईलाबाद। गांव झांसा में मारकंडा नदी शनिवार को भी इस तरह उफनी रही। संवाद
इस्माईलाबाद। गांव झांसा में मारकंडा नदी शनिवार को भी इस तरह उफनी रही। संवाद