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Kurukshetra News: गले की फांस बनी ब्रह्मसरोवर के समीप बनी डंपिंग साइट

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कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देश पर प्रदेश के साथ-साथ धर्मनगरी को भी पूरी तरह से स्वच्छ शहर बनाए जाने के दावे किए जा रहे हैं। प्रशासन ने इस दिशा में सार्थक कार्य भी शुरू कर दिए तो कुछ असर भी दिखाई पड़ने लगा है लेकिन इन्हीं प्रयासों व दावों को पवित्र ब्रह्मसरोवर के समीप करीब एक साल से बनाई डंपिंग साइट से झटका लग रहा है। आम लोगों के ही नहीं प्रशासन के भी यह साइट व शहर से हर रोज निकल रहा करीब 100 टन कचरा गले की फांस बना हुआ है।
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यह साइट विपक्षी नेताओं के भी निशाने पर है। कांग्रेसी नेता व विधायक अशोक अरोड़ा जिला कष्ट निवारण समिति की लगातार तीन से चार बैठकों में यह मुद्दा राज्यमंत्री राजेश नागर के समक्ष उठा चुके हैं तो तीन दिन पहले ही विधानसभा सत्र के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया। यहीं नहीं इसी माह 15 दिन पूर्व ही जजपा नेता योगेश शर्मा भी इस साइट पर तालाबंदी करने पहुंच गए थे।
ब्रह्मसरोवर पर हर रोज पांच से छह हजार पर्यटक व श्रद्वालु पहुंचते हैं, जिनकी भावना को ठेस पहुंचती है तो वहीं इस साइट से बदबू भी फैल रही है। इस साइट के सामने सड़क पार होते ही ब्रह्मसरोवर है तो एक और बौद्व स्थल तो दूसरी ओर गुरुद्वारा व जगदगुरु ब्रह्मानंद आश्रम भी कुछ कदम दूरी पर है। इन संस्थानों की ओर से भी आपत्ति जताई जा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री व राज्यपाल के समक्ष भी यह मुद्दा उठ चुका है तो इसे यहां से हटाए जाने के आदेश भी दिए जा चुके हैं।
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सबसे पहले नगर प्रशासन ने गांव मथाना में डंपिंग जोन बनाया था, जहां विरोध के चलते कई साल बाद हटाना पड़ा। इसके बाद गांव बाहरी के पास भी डंपिंग जोन बनाया गया तो वहां भी विरोध हो गया। इसी बीच उमरी के समीप भी जगह चिह्नित की गई, जहां पर शुरूआत में ही विरोध हो गया। ऐसे में लंबे समय तक कचरा कभी पिहोवा तो कभी निसिंग तक भी ले जाया जाता रहा तो करीब एक साल पहले ब्रह्मसरोवर के समीप डंपिंग साइट बनाई गई। संवाद
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