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फसल अवशेष बनेंगे बिजली उत्पादन का नया स्त्रोत : राजेश

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पिहोवा। पावर प्लांट का दौरा करने के दौरान चेयरमैन सहित अन्य सदस्य। विज्ञप्ति
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पिहोवा। द हिंद पावर प्लांट छज्जूपुर में शुक्रवार को कॉर्पोरेशन फॉर एअर क्वालिटी मॉनिटरिंग के चेयरमैन राजेश वर्मा ने दौरा किया। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन क्षेत्र में फसल अवशेषों का उपयोग पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ बिजली उत्पादन के लिए एक विशेष समाधान है। इस दौरान पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि पराली उत्पादन से बिजली उत्पादन एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पर्यावरण उद्योग और दोनों के लिए बढि़या है। किसानों और सरकार को इस दिशा में मिलकर काम करना चाहिए। इसे मंजूरी देना और समर्थन करना आवश्यक है। प्लांट में दिल्ली से आए कॉर्पोरेशन फॉर एअर क्वालिटी मोनिटरिंग के विशेषज्ञों ने भी में दलीप कुमार जीएम कॉर्पोरेशन से विस्तार से चर्चा की।
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प्लांट हेड सत्येंद्र पाल बख्शी सिंह ने बताया कि यह 15 मेघावाट पैडीवेस्टेज पावर प्लांट है, जिससे लगभग 12 करोड़ यूनिट सलाना बिजली तैयार की जाती है। इस प्लांट में 250 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त 750 युवाओं को सीजन के अनुसार रोजगार पर रखा जाता है। फसल अवशेष को किसानों की जमीन से मशीनों के माध्यम से कटवाने व उठवाने का कार्य भी प्लांट की ओर किया जाता है। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी नागरिक कपिल कुमार, सुजीत कुमार मैंबर सेक्रेटरी, प्रदीप कुमार आईएएस मैंबर सेक्रेटरी, आरके अग्रवाल, विकास सिंह एससी, विरेंद्र शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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