रेलवे ट्रैक के पास शुक्रवार को सुबह मोर्टार शैल मिलने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया और एहतियात के तौर पर अंबाला-दिल्ली ट्रैक को तत्काल रोक दिया गया। शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंची और शैल को अपने कब्जे में लिया और क्षेत्र की गहन जांच के लगभग 1 घंटे के बाद ट्रैक पर यातायात सुचारु किया गया। वहीं, आज तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर मोर्टार शैल यहां रेलवे ट्रैक के पास कैसे पहुंचे?पुलिस को सूचना देने वाले बाबा तोता कालोनी वासी गुरलाल दास ने बताया कि वह अपने प्लॉट से घर वापस जा रहा था कि उसने रेलवे ट्रैक के दाईं ओर एक प्लास्टिक का गोल डिब्बा पड़ा देखा। डिब्बा उठाकर उसने देखा कि उसमें बम है तो उसने इसकी सूचना तुरंत सिटी पुलिस चौकी में दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। सिटी चौकी प्रभारी चानन राम, एसएचओ जीआरपी इंद्रजीत अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और शैल को कब्जे में लिया। ट्रैक के दोनों ओर गहन जांच के बाद लगभग सवा 1 बजे एसएचओ इंद्रजीत ने शाहाबाद रेलवे स्टेशन के अधीक्षक एमएस मीना को लिखित में क्लीन चिट दी, जिसके बाद ट्रैक को खोल दिया गया। इस दौरान 5708 आम्रपाली एक्सप्रेस लगभग 1 घंटा प्रभावित रही। बाद में जीआरपी सीआईए के सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह, एएसआई सुनील कुमार टीम सहित मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। यह दसवां शैल जीआरपी के लिए गले की फांस बना हुआ था, जिसके मिलने के साथ ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
22 जुलाई को मिले थे मोर्टार शैलबता दें कि 22 जुलाई को प्रात: दिल्ली-अंबाला अप रेलवे ट्रैक के बाईं ओर जिंदा मोर्टार शैल मिले थे। पुलिस ने मौके से प्लास्टिक के डिब्बे में पैक 6 जिंदा मोर्टार शैल व 1 खुला शैल बरामद किया था। खुले बम का डिब्बा बाद में पास में खड़े पानी में से मिला। सर्च के दौरान मौके पर एक लोहे का डिब्बा भी मिला था, जिसकी जांच के बाद सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस डिब्बे में 10 मोर्टार शैल होते हैं। इस जानकारी के बाद पुलिस ने अपना सर्च अभियान दोबारा चलाया और पास में ही खड़े पानी से 8वां मोर्टार शैल भी मिल गया। फिर नौवां मोर्टार शैल भी मिल गया।
कॉलोनी का ही कोई ले गया उठाकर हालांकि उस समय कुछ लोगों ने दो बच्चों द्वारा एक शैल उठाकर ले जाने की बात कही थी, जिस पर पुलिस ने पास की कॉलोनियों में सर्च अभियान भी चलाया था, लेकिन लगता है कि डर के मारे उस समय ले जाने वाले ने शैल के बारे में जानकारी नहीं दी और अब मामला ठंडा होने के बाद इसे ट्रैक के दाईं ओर दिल्ली अंबाला ट्रैक के 176 किलोमीटर के 32 पोल नंबर के पास रख दिया। हालांकि पहले मिले सभी 9 शैल ट्रैक के बाईं ओर मिले थे, जबकि यह शैल ट्रैक के दाईं ओर मिला। रिहायशी कॉलोनियां भी ट्रैक के दाई ओर ही हैं, जिससे स्पष्ट है कि ट्रैक के आसपास रहने वाले किसी व्यक्ति ने ही इसे बाद में यहां पर रखा। जिस जगह बम पाया गया है, यह पहली जगह से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर है।