डेंगू की चपेट में आकर मंगलवार को एक किशोर की मौत हो गई। किशोर को चार दिन पूर्व एलएनजेपी अस्पताल से चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में रेफर किया गया था। वहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। किशोर के पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के दावों के विपरीत डेंगू पॉजीटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डेंगू से पीड़ित किशोर रोहित पुत्र जगदीश (16) की मौत जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में मौत हो गई। रोहित के पिता जगदीश ने बताया कि रोहित को दो-तीन दिन से बुखार था। उसे 21 सितंबर को एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। हमें 23 सितंबर को बताया गया कि रोहित को डेंगू है। अस्पताल के डॉक्टरों ने 25 सितंबर को जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान 27 सितंबर को मौत हो गई।
अस्पताल प्रशासन पर लगाए आरोप
मृतक रोहित के पिता जगदीश ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ही 24 सितंबर को उनके बेटे को दस्त हो गए। वह रात दो बजे दस्त की दवाई लेने स्टाफ के पास गए, तो स्टाफ दवाई न होने की बात कही। सुबह भी उनके बेटे को दवाई नहीं दी गई। सुबह 8 बजे डॉक्टर ने रोहित को ग्लूकोज लगाने के लिए कहा। वह भी 10 बजे लगाया गया। इससे उनके बेटे की हालत बिगड़ गई।
वर्जन
रोहित के डेंगू पॉजीटिव की जानकारी मिलते ही विभाग ने गांव में टीम भेजी थी। वहां से रक्त जांच के लिए सैंपल भी लिए गए थे। आज वहां फॉगिंग करवाई जा रही है। इसके साथ ही रक्त के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
बिंदू राय, महामारी अधिकारी, एलएनजेपी अस्पताल
गांव डोडाखेड़ी निवासी रोहित की जीएमसीएच-32 उपचार के दौरान मौत हो गई। रोहित के डेंगू पॉजीटिव होने की जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके पड़ोसियों और परिवार के ब्लड सेंपल लेकर जांच करवा दी थी। फिलहाल जिले में डेंगू के 68 पॉजीटिव मरीज सामने आए हैं।
डॉ. मुकेश, कार्यवाहक सिविल सर्जन