हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गत सप्ताह ज्योतिसर में नरवाना ब्रांच नहर में डेढ़ माह की बच्ची फेंकने के मामले में पकड़े गए आरोपी पिता ने अपनी पत्नी को भी मामले में चुप रहने की धमकी दी थी। आरोपी बलकार सिंह निवासी बाखली ने बच्ची को नहर में फेंकने के बाद पत्नी को कॉल करके धमकाया था कि अगर उसने बच्ची के बारे में किसी को बताया तो उसे भी जान से मार देगा।
फिलहाल बच्ची सनातन धर्म संस्था के आश्रम कैथल में है। वहीं पुलिस ने आरोपी पिता बलकार सिंह और ताऊ कुलदीप सिंह को कारागार भेज दिया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी बच्ची को नहर के किनारे मरने के लिए लावारिस छोड़ गए थे।
थाना केयूके में 13 जुलाई को दर्ज शिकायत में अमी लाल निवासी रावगढ़ ने बताया था कि उसने कांवड़ियों के लिए ज्योतिसर हेड पर कांवड़ शिविर लगाया हुआ था। शाम करीब पांच बजे एक कांवड़िये ने उसे करीब डेढ़ साल की बच्ची सौंपी थी। उसने बताया था कि यह बच्ची नहर के किनारे खेल रही थी।
उसे लगा कहीं यह बच्ची खेलते-खेलते नहर में न गिर जाए। उसने बच्ची को ज्योतिसर पुलिस के हवाले कर दिया था। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्जकर बच्ची का मेडिकल कराकर बाल कल्याण समिति के माध्यम से उसे सनातन धर्म संस्था कैथल भेज दिया है।
पत्नी को धमकाया : महेंद्र
ज्योतिसर चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि घटना से एक दिन पहले बलकार की पत्नी रमना झगड़े के बाद अपने मायके लुधियाना चली गई थी। रमना की बलकार के साथ दूसरी शादी हुई है। महिला पहली शादी से हुए बेटे को अपने साथ ले गई थी, जबकि बच्ची रमनदीप कौर और जसप्रीत कौर को बलकार के पास छोड़ गई थी। बच्ची बार-बार रो रही थी इसलिए उसने उसे नहर के किनारे लावारिस छोड़ दिया था। आरोपी ने बच्ची को छोड़ने के बाद पत्नी को कॉल करके यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।