कस्बे के एक दुकानदार पर सोमवार देर शाम कार सवार दबंगों ने हमला कर दिया। बताया जाता है कि हमलावर दुकान में बैठे युवक को गंभीर रूप से घायल करने के बाद भाग निकले।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर अवस्था में घायल युवक को उपचार के लिए लाडवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां हालत ज्यादा नाजुक होने पर घायल युवक को करनाल ट्रामा सेंटर भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर मंगलवार शाम को ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए थाने के बाहद प्रदर्शन किया।
गांव भगवानपुर का राकेश सुरा अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान कार में सवार दबंग युवक आए। उन्होंने बिना कुछ पूछे राकेश पर जानलेवा हमला बोल दिया। यह देख पास के दुकानदार मौके की तरफ दौड़ पड़े। यह देख हमलावर वहां से भाग निकले।
ग्रामीण बालक राम पंच, रणबीर सिंह, मास्टर बलदेव सिंह, बंता राम, सतपाल, भूपेंद्र सूरा, बब्बू, मुकेश, बाबूराम, मास्टर लछमन सिंह, कलीराम पंच, राम सिंह, अमरजीत, सुभाष शर्मा, रूलदाराम, धर्म सिंह, सलिन्द्र सिंह, अनुज सूरा आदि ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर थाने के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों को कहना था कि घटना के बाद पुलिस ने काफी देर के बाद मौके पर आकर मुआयना किया।
साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। यही कारण है कि पुलिस ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे रोड जाम कर देंगे। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले गांव में कबड्डी का टूर्नामेंट कराया गया था। वहीं पर किसी बात को लेकर घायल व्यक्ति की दंबगों के साथ कहासुनी हुई थी।
उसी का बदला लेने के लिए उस पर हमला कर दिया।
पुलिस जांच अधिकारी का कहना है कि वे अस्पताल में उपचाराधीन व्यक्ति के बयान लेने के लिए कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल में गए थे। लेकिन, घायल को कुरुक्षेत्र की बजाय डॉक्टरों ने करनाल के ट्रॉमा सेंटर में रैफर कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक आरोपियों के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
ऐसे में घायल व्यक्ति के बयान लेने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।