देवर ने मां समान भाभी पर ही बुरी नजर डाल दी। पीड़िता ने विरोध किया तो
उसने जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। किसी तरह उसने परिजनों को इस बारे
में बताया।
अब वह दो माह से अपने परिजन के साथ आरोपी देवर और उसके
परिवारवालों के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए भटक रही है। कुरुक्षेत्र की
पुलिस पीड़िता को अंबाला भेज देती है, तो अंबाला की पुलिस उसे कुरुक्षेत्र
का रास्ता दिखा देती है। इस फेर में दो माह में कार्रवाई तो दूर, मामला तक
दर्ज नहीं किया गया है।
अंबाला के नारायणगढ़ स्थित एक गांव की रहने वाली
पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 25 जनवरी 2014 को कुरुक्षेत्र जिले में
लाडवा के गांव निवारसी निवासी एक युवक से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद
उसका पति ऑस्ट्रेलिया चला गया।
इसके कुछ समय बाद सुसराल वाले उसे तंग करने
लगे। उसने आरोप लगाया कि 14 अगस्त की रात को उसका देवर उसके कमरे में आया
और जबरदस्ती करने की कोशिश की। देवर ने उसके कपड़े भी फाड़ दिए। वह किसी
तरह से अपने को बचा सकी।
उसने इसकी शिकायत सुसराल वालों से की, तो उन्होंने
देवर का पक्ष लिया। पीड़िता ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो अगले
दिन सुसराल वालों ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर जलाने की कोशिश की। वह
किसी तरह से अपने कमरे में पहुंची और महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर फोन कर
दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे बचाया।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
पीड़िता
के अनुसार, फोन पर लाडवा पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसके बाद भी अभी तक कोई
कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस शिकायत के
बाद भी केस दर्ज नहीं कर रही।
उन्हें कभी अंबाला थाने में जाने के लिए बोल
दिया जाता है, तो कभी कुरुक्षेत्र महिला थाने में। यह मामला लाडवा थाने का
है। वहां से उन्होंने कुरुक्षेत्र महिला थाने भेज दिया। कुरुक्षेत्र से
अंबाला थाने भेज दिया गया। अंबाला पुलिस ने वापस कुरुक्षेत्र भेज दिया।
पीड़ितों के कहने पर भेजा था अंबाला
कुरुक्षेत्र
महिला थाना की एसआई दलीप कौर ने बताया की मामला उनके संज्ञान में है।
उन्हें डीएसपी के सामने पेश किया है। पीड़ितों के कहने पर ही उन्हें अंबाला
भेजा गया था।
अंबाला पुलिस ने कहा है कि मामला कुरुक्षेत्र का है, वहीं
कार्रवाई होगी। महिला ने सुसराल वालों पर कमरे में बंद रखने का आरोप लगाया
था। शिकायतकर्ता द्वारा छेड़छाड़ और मिट्टी का तेल डालकर जलाने का प्रयास
करने के संबंध में एसआई दलीप कौर ने कहा कि उन्होंने इसकी जांच नहीं की है।