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निगाह हटी और उड़ा दिए सवा सात लाख

Thu, 11 Feb 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर दो वाहनों से शातिरों ने लाखों रुपये उड़ा लिए। रेलवे रोड पर एक रेलवे अधिकारी की स्कूटर की डिग्गी तोड़कर साढ़े पांच लाख रुपये निकाल लिए गए, तो नए बस स्टैंड के पास एक व्यापारी की कार का शीशा तोड़कर डेढ़ लाख रुपये उड़ा लिए।
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रेलवे अधिकारी ने बेटी को देने के लिए रकम निकाली थी। माना जा रहा है कि बैंक से ही रेलवे अधिकारी और व्यापारी के पीछे शातिर लग गए होंगे। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। रेलवे चेकिंग क्लर्क भोपाल सिंह ने रेलवे रोड स्थित एक्सिस बैंक से साढ़े पांच लाख रुपये निकाले थे।

उन्हें स्कूटर की डिग्गी में रखकर वे चल दिए। उन्हें रेलवे स्टेशन के पास ही किसी दुकान पर काम था। इसलिए उन्होंने रोड पर स्कूटर खड़ा कर दिया और दुकान पर चले गए। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक वहां पहुंचे और उन्होंने स्कूटर की डिग्गी तोड़कर उसमें रखे रुपयों के थैले को उठाया और भाग गए।
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भोपाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी का कुछ समय पहले ही विवाह हुआ है। उसे देने के लिए ही उन्होंने बैंक से साढ़े पांच लाख रुपये निकाले थे। उन्होंने युवकों का पीछा करने का भी प्रयास किया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। सेक्टर-13 निवासी व्यवसायी अतुल गुप्ता नए बस स्टैंड के पास अपना शोरूम बनवा रहे हैं।


इसी दौरान दो युवक आए और रोड पर खड़ी उनकी कार का शीशा तोड़कर उसमें रखे डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग लेकर भाग गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चलो कि बदमाश पैसा चुराने के बाद किसी ऑटो में बैठकर भागा है।

बैंक से ही की होगी रैकी
पुलिस संभावना जता रही है कि बदमाशों ने बैंक से ही रेलवे अधिकारी का पीछा किया होगा। रास्ते मेें मौका लगते ही वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस मान रही है कि इस तरह के गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश मुरादाबाद इलाके में रहते हैं। इस गिरोह की वारदात का तरीका यही है कि वे बैंकों के बाहर से रैकी करना शुरू कर देते हैं और मौका लगते ही वारदात कर देते हैं।

बैंक के थे सभी सीसीटीवी कैमरे खराब
बैंक के बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। यह खुलासा पुलिस के बैंक पहुंचने पर हुआ। बैंक अधिकारी पुनित कुमार गुप्ता ने माना की उनके बैंक के सीसीटीवी कैमरे  खराब हैं। इसकी जानकारी उन्होंने उच्च अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बैंक के पास अन्य बैंक हैं। उनके सीसीटीवी कैमरों से भी डिटेल लेकर पुलिस की मदद की जाएगी।

...तो हो सकती थी पहचान
पीड़ित रेलवे अधिकारी ने बताया कि यदि बैंक के सीसीटीवी कैमरे ठीक होते तो आरोपियों की पहचान हो सकती थी। लेकिन, बैंक की लापरवाही के आरोपियों की पहचान होने में देरी होगी।

पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान
दोनों वारदातें जहां हुईं, वहां पुलिस की मौजूदगी रहती है। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि इसके बाद भी उन्होंने वारदात कर दी। रेलवे रोड पर जिस स्थान पर घटना हुई वहां भी पुलिस का नाका है। इसके बाद भी आरोपी स्कूटर की डिग्गी से पैसे निकाल कर भाग गए। दूसरी वारदात नए बस स्टैंड के पास हुई। वहां भी पुलिस बल तैनात रहता है।
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