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हर गाड़ी को फॉलो कर रही थी पुलिस की गाड़ी

Fri, 28 Aug 2015 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
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शहर के उद्योगपति के बेटे हन्नी को छुड़ाने के लिए पुलिस ने भी पूरी सतर्कता से जाल तैयार किया था।
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लेकिन, हलकी सी चूक से बदमाश हाथ आते आते रह गए। जाल ऐसा बुना था कि अपहर्ताओं का निकल पाना बेहद मुश्किल था।

उद्योगपति के बेटे के घर आने के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से एक ही जवाब मिल रहा है कि अपहर्ताओं की पहचान कर ली गई है, उन्हें जल्द काबू कर लिया जाएगा। दूसरी ओर इस घटना के बाद से सारे शहर के व्यापारियों में दहशत का माहौल व्याप्त है।

हर की सपड़ा कॉलोनी से उठाए गए उद्योगपति जयभगवान सिंगला के बेटे आदित्य सिंगला उर्फ हनी की तलाश के लिए पुलिस ने एक घंटे के भीतर ही जाल बिछा दिया था।

जैसे ही 10:54 पर अपहरण का खुलासा हुआ तो तुरंत पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अपना काम शुरू कर दिया था। इस सारे खेल को क्रैक करने के लिए पुलिस ने इसे ऑपरेशन हनी का नाम दिया था। इसके तहत कॉल आने से लेकर लड़के की बरामदगी तक पुलिस ने सारे मोबाइल फोन सर्विलांस पर ले लिए थे।
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साथ ही इस बात का प्रयास किया जा रहा था कि बदमाशों की लोकेशन मिलती रहे। इसके लिए एसपी सिमरदीप के सुपरविजन में काम चल रहा था। वारदात के बाद से ही पुलिस ने 10 अलग-अलग टीमें गठित कर काम पर लगा दी थीं। साथ ही साइबर सेल में एक्सपर्ट अपने काम पर लगे रहे।

हर मोबाइल कॉल की ले रहे थे लोकेशन
बदमाशों ने जितने भी फोन किए, वे सभी पुलिस के पास मौजूद रहे। इस दौरान बदमाशों की लोकेशन पुलिस ट्रेस करने में काम करती रही।

अंत में यह साफ हो गया था कि बदमाशों ने हनी को करनाल रेंज में ही हाईवे पर कहीं रखा हुआ है। इसमें सबसे बड़ा रोल अदा किया हनी के पिता जयभगवान सिंगला ने।

बातों में उलझाए रखा बदमाशों को
हनी के पिता जयभगवान ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर बदमाशों को लंबी बातों में उलझाए रखा। इससे पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने में आसानी रही।

अपहर्ताओं की ओर से जब भी फोन आ रहा था, तो प्रयास किया जाता था कि बातें ज्यादा लंबी हों। इसी के तहत मंगलवार की शाम तक बदमाश भी आश्वस्त हो गए थे कि सिंगला परिवार ने पुलिस का कोई सहारा नहीं लिया है और उन्होंने हनी की उसके परिवार से भी बात करवाई। करीब पांच मिनट 14 सेकेंड तक लंबी बात ने पुलिस को रास्ता दे दिया।

फिरौती देने के दौरान बिछाया था जाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार सारी डील फाइनल होने के बाद बदमाशों ने उद्योगपति जयभगवान सिंगला और उसके भाई ज्वैल को जीटी रोड पर बुलाया था।

वहां पर उन्होंने रुपये लेने के लिए उन्हें बहुत से चक्कर भी कटवाए। ऐसा नहीं था कि व्यापारी अकेले ही जीटी रोड पर थे बल्कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस की टीमें तैयार थी। सूत्रों की मानें तो हर किलोमीटर पर सादी वर्दी और निजी वाहनों में पुलिस की टीमें तैनात थी जिनके पास उद्योगपति की गाड़ी का नंबर भी मौजूद था।

वे पल पल लोकेशन ले रहे थे। हाल ये था कि सिंगला की गाड़ी के पीछे बदमाशों की गाड़ी चल रही थी और एक गाड़ी नहीं बल्कि बदमाशों की भी दो गाड़ियां चल रही थी। जाल ऐसा बुना हुआ था कि बदमाशों और उद्योगपति की गाड़ी के बराबर में ही पुलिस की गाड़ियां निगरानी करते हुए निकलती जा रही थीं और उन्हें किसी तरह की भनक भी नहीं लगी।

उद्योगपति जयभगवान सिंगला का कहना है कि उन्हें भी पुलिस की गाड़ियों का पता नहीं चला, लेकिन ये जरूर था कि गाड़ियां आसपास बहुत थीं।

ये है मामला
रविवार की रात को करीब 10 बजकर 5 मिनट पर कुछ कार सवार बदमाशों ने शहर के प्रमुख उद्योगपति जयभगवान सिंगला के बेटे आदित्य सिंगला उर्फ हन्नी का अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने उसे छोड़ने की एवज में 4 करोड़ की फिरौती मांगी थी।

परिवार की ओर से मंगलवार की रात को जीटी रोड पर घरौंडा टोल प्लाजा के पास बदमाशों को फिरौती दी भी गई, लेकिन बदमाश फरार हो गए थे। बाद में बदमाशों ने हनी को करनाल के नमस्ते चौक पर छोड़ दिया था। वहां से वह बस में बैठकर वापस आया था।
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बदमाशों की शिनाख्त हो चुकी है। टीमें अभी उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हनी को अपहर्ताओं के चंगुल से बचाने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किया। पुलिस की टीमों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने हनी को छोड़ दिया था। पूरे गैंग की पहचान कर ली गई है।
सिमरदीप सिंह, एसपी, कुरुक्षेत्र।
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